रेत, गिट्टी, पत्थर के अवैध खनन-परिवहन से बढ़ते हादसों को रोकने के लिए बनाई गई संयुक्त टीम मैदान से गायब हैं। जिसका नतीजा यह है कि शहर की सड़कों पर दिन-दहाड़े भी माफिया ओवरलोड और प्रतिबंधित खनिज सामग्री का परिवहन कर रहे हैं। हद तो इस बात की है कि ओवरलोडिंग वाले ये ट्रैक्टर-ट्रॉली पुलिस चेक प्वाइंट से भी आराम से निकल जाते हैं। इतना ही नहीं जिले के वरिष्ठ आईएएस-आईपीएस के सरकारी बंगलों वाली गांधी रोड व रेसकोर्स रोड पर भी ये वाहन सरपट दौड़ रहे हैं। गोले का मंदिर, पिंटो पार्क, सिरोल, हजीरा, चार शहर का नाका, हुरावली, झांसी रोड, बहोड़ापुर ऐसे प्वाइंट हैं। जहां सुबह से रात तक रेत व गिट्टी का अवैध कारोबार होता है। ये सभी प्वाइंट अधिकारियों की जानकारी में हैं, लेकिन कार्रवाई के लिए टीम नहीं पहुंचती। वहीं, कलेक्टर ने ट्रैक्टर-ट्रॉली पर रिफ्लेक्टर लगाने की मुहिम भी शुरू कराई थी। ये मुहिम भी कुछ दिन बाद शांत हो गई और बिना लाइट व बिना रिफ्लेक्टर के ये वाहन सड़कों पर मौत बनकर दौड़ते हैं। 3 विभागों को जिम्मा, फिर भी सख्ती नहीं
कलेक्टर रुचिका चौहान ने 5 दिसंबर 2025 को आदेश जारी किए थे, जिसमें उन्होंने ग्वालियर जिला सीमांतर्गत खनिजों का अवैध परिवहन करने वाले ट्रक, डम्पर एवं अन्य वाहन जिनमें मुख्यत: कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियां निर्धारित भार क्षमता से अधिक एवं ट्रॉलियों में साईड पट्टे लगाकर ओवर हाईट रेत, गिट्टी, ईंटें आदि पर मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 113, 114 एवं 194 के अंतर्गत कार्यवाही करने को कहा था। यह कार्रवाई खनिज विभाग के साथ परिवहन विभाग के आरटीओ, उड़न दस्ते और सभी पुलिस थानों को करनी थी। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा, खनिज विभाग के अधिकारी भी देहात में कार्रवाई कर रहे हैं और शहर में अवैध परिवहन व फड़ धड़ल्ले से संचालित हैं। ओवरलोड व अवैध परिवहन के कारण हुए कई हादसे संबंधित विभागों को अवैध खनन रोकने के निर्देश दिए हैं
संबंधित विभागों को अवैध खनन एवं ओवरलोडिंग रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी समीक्षा करेंगे कि कौन से विभाग कार्रवाई कर रहे हैं और कौन से नहीं? उनकी जिम्मेदारी में सख्ती लाएंगे। – सीबी प्रसाद, एडीएम
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