मैं दवा लेने के लिए मेडिकल स्टोर्स जा रही थी। वहां मुझे बच्चा चोर समझकर एक अंकल गाली देने लगे। एक आंटी ने मुझे पकड़ लिया और मारने लगीं। फिर रास्ते में मुझे अन्य लड़कों ने भी मारा, पूरे रास्ते मुझे मारते रहे। ये कहते हुए मॉब लिंचिंग की शिकार हुई युवती फफक-फफक कर रो पड़ती है और सुसाइड तक की बात कह डालती है। ये दर्द है इंदौर के एलआईजी थाना क्षेत्र में मेडिकल स्टोर पर दवाई लेने पहुंची एक रिसर्चर युवती की। उसका वीडियो भी वायरल कर दिया गया। इंदौर में ही 7 फरवरी को एक अन्य मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को भीड़ ने बच्चा चोर समझकर पीटा। भोपाल, इंदौर, मंदसौर, धार, रतलाम और बड़वानी जिले में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। सोशल मीडिया पर भी ‘बच्चा चोर गैंग’ की अफवाह और इससे जुड़े वीडियो पोस्ट वायरल हो रहे हैं। आखिर इन मामलों की सच्चाई क्या है, ये जानने के लिए दैनिक भास्कर ने इन सभी मामलों की पड़ताल की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए…
बच्चा चोरी में मारपीट के केस और हकीकत… इंदौर: बच्चा चोर अफवाह की पीड़िता ने दर्द बयां किया बच्चा चोरी की अफवाह में माॅब लिंचिंग का शिकार हुई इंदौर की एक युवती ने वीडियो बनाकर अपना दर्द साझा किया। उसने कहा, मैं 18 फरवरी को मेडिकल स्टोर पर दवाई लेने जा रही थी। रास्ते में एक अंकल मिले। उन्होंने मुझसे पूछा कि कहां जा रही हो? मैंने कहा कि मेडिकल जा रही हूं। उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या तुम बच्चा चोर हो? मैंने कहा नहीं। मैं यहीं पास में रहती हूं, लेकिन वो मानने को तैयार नहीं हुए। उन्होंने मेरे साथ गाली-गलौज की। मैंने कहा कि मेरे फोन में मेरी आईडी है, आप देख लीजिए, लेकिन वो नहीं माने और दूसरे लड़कों को बुला लिया। मैं वहां से निकलने लगी तो एक महिला और एक लड़की ने मुझे पकड़ लिया। फिर बुरी तरह मारने लगीं। रास्ते में लड़कों ने भी मुझे मारा। पूरे रास्ते मुझे मारते-पीटते और गालियां देते हुए ले जाया गया। मेरा वीडियो बनाया गया और उसे वायरल किया जा रहा है। अगर मेरे साथ कुछ गलत होता है या सदमे में मैं कोई गलत कदम उठा लेती हूं, तो इसके लिए मारपीट करने और वीडियो वायरल करने वाले लोग ही जिम्मेदार होंगे। मैं नहीं चाहती कि जो मेरे साथ हुआ, वह किसी और लड़की के साथ हो। बच्चे को साथ ले जा रही महिला मानसिक बीमार इंदौर के द्वारकापुरी क्षेत्र में एक महिला 11 वर्षीय बच्चे को अपने साथ ले जाती दिखी। सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ और अफवाह फैल गई। बाद में जांच में पता चला कि महिला पास की ही गली में रहती है और मानसिक रूप से अस्वस्थ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो यूपी मेरठ के रहने वाले उसके परिजनों तक पहुंचा, जिसके बाद 19 फरवरी को उसके परिजन अपने साथ मेरठ ले गए। इंदौर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार इन्फ्लयूएंसर की आईडी ब्लाॅक कर दी है और वीडियो शेयर करने वालों को नोटिस दिया जा रहा है। मंदसौर: जिसे बच्चा चोर समझकर पीटा, वो कबाड़ी निकला मंदसौर शहर के नरसिंहपुरा क्षेत्र में 22 फरवरी की शाम एक युवक को भीड़ ने बच्चा चोर समझकर पकड़ लिया। युवक इलाके में इधर-उधर घूमता दिखा तो कुछ लोगों को संदेह हुआ। देखते ही देखते सैकड़ों लोग जमा हो गए। बिना किसी पुष्टि के युवक को पकड़ लिया। लोगों ने उसके हाथ-पैर बांध दिए और जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से बुरी तरह पीटा। घटना का वीडियो भी बना लिया। ये हकीकत: मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस युवक को छुड़ाकर थाने ले आई। पूछताछ में वह ठीक से कुछ बता नहीं पा रहा था। आसपास के लोगों ने बताया कि वह मानसिक रूप से कमजोर है और पहले भी क्षेत्र में भटकता देखा गया है। बच्चा चोरी की कोई शिकायत नहीं मिली। बाद में वीडियो सामने आने पर पुलिस ने तीन आरोपियों दीपक कुमावत, कुंदन चनाल और भारत चनाल को हिरासत में लेकर एफआईआर दर्ज की। रतलाम: कार रोककर की पिटाई, मंदिर से लौट रहे श्रद्धालु निकले रतलाम जिले के बिलपांक क्षेत्र में 22 फरवरी को छह लोग कार से इंदौर जा रहे थे। रास्ते में एक ढाबे पर टॉयलेट के लिए रूके। कुछ बच्चों को आसपास देखकर ग्रामीणों को शक हुआ और अफवाह फैल गई कि बच्चा चोर गैंग घूम रहा है। देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई।
महिलाओं समेत कई लोगों ने कार सवारों को घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। दो लोग किसी तरह भीड़ से बचने के लिए वहां से भाग निकले। चार को भीड़ ने पकड़कर पीट दिया।
ये हकीकत: मामले की जानकारी लगते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को पुलिस चौकी ले गई। पूछताछ में सामने आया कि पीड़ित इंदौर के घाटाबिल्लौद क्षेत्र के निवासी हैं और राजस्थान स्थित सांवलिया सेठ मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे। शाजापुर: दो युवकों को पीटा, कचरा बीनने वाले निकले शाजापुर जिले के ज्योति नगर इलाके में 23 फरवरी की सुबह करीब 11 बजे दो युवकों को बच्चा चोर समझकर पीट दिया गया। क्षेत्र में लगातार फैल रही बच्चा चोरी की अफवाहों के बीच स्थानीय लोगों ने उनसे पूछताछ की और आधार कार्ड मांगा।
आधार कार्ड न होने पर भीड़ ने उन्हें संदिग्ध मान लिया और मारपीट शुरू कर दी। घटना का वीडियो भी बना लिया। ये हकीकत: सूचना मिलने पर लालघाटी पुलिस मौके पर पहुंची और एक युवक को हिरासत में लेकर थाने ले आई। थाना प्रभारी अर्जुन सिंह मुजाल्दे के मुताबिक युवक से पूछताछ की गई तो पता चला कि युवक छम्मा जाटव हाट मैदान क्षेत्र में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता है।
दोनों कचरा बीनने का काम करते हैं। उसने बताया कि उसके खुद के दो बच्चे हैं और वह परिवार के लिए खाना मांगने ज्योति नगर आया था, तभी लोगों ने बच्चा चोरी के शक में उसे पीट दिया।
बड़वानी: बेटे से मिलने पहुंचे पिता को बच्चा चोर समझ पीटा बड़वानी जिला मुख्यालय के पास बंधान क्षेत्र के कालाखेत गांव में लोगों ने एक युवक को महिलाओं के कपड़ों में घूमते देख उसे बच्चा चोर समझ लिया। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जुट गई।
लोगों ने उसे पकड़ लिया, उससे मारपीट की कोशिश भी की गई। कुछ लोगों ने उसे बच्चा चोर बताते हुए पुलिस को सूचना दी और उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
ये हकीकत: पुलिस के पहुंचने पर सख्ती से पूछताछ की गई तो कहानी कुछ और निकली। पूछताछ में पीड़ित ने बताया कि पत्नी से विवाद चल रहा है और पत्नी बच्चों को लेकर अलग रह रही है। वह उसे बच्चों से मिलने नहीं देती।
इसलिए पहचान छिपाने के लिए उसने महिलाओं के कपड़े पहने और कालाखेत गांव बच्चे से मिलने पहुंचा। पुलिस ने जांच में उसकी बात की तस्दीक की, इससे साफ हो गया कि मामला पारिवारिक विवाद का है। धार: भीख मांगने वालों को बना दिया ‘गैंग’ यहां 13 फरवरी को मॉब लिंचिंग की वारदात हुई। धार जिले के बदनावर थाना क्षेत्र के ग्राम बखतगढ़ में बच्चा चोरी की अफवाह में पांच लोग मॉब लिंचिंग का शिकार हो गए। ग्रामीणों ने राजस्थान से आई दो महिलाओं और तीन पुरुषों को बच्चा चोर समझ लिया। लोगों ने उन्हें पकड़कर मारपीट की।
ये हकीकत: सूचना मिलते ही डायल 112 और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पांचों को सुरक्षित थाने ले जाया गया। जांच में सामने आया कि वे लोग हाथ देखकर दक्षिणा लेते हैं और इसी से अपना गुजारा करते हैं।
उनके खिलाफ बच्चा चोरी का कोई सबूत नहीं मिला। थाना प्रभारी अमित कुशवाहा ने बताया, यह सिर्फ अफवाह थी। बच्चा चोरी की पुष्टि नहीं हुई है। भोपाल: 2019 का फर्जी वीडियो, 2026 में पिटाई भोपाल के अयोध्या नगर क्षेत्र में एक इंस्टाग्राम यूजर ने वीडियो पोस्ट किया जिसमें एक युवक को बच्चा चोर बताया गया। वीडियो में दिख रहा था कि युवक अपनी बहन के घर जा रहा था, तभी कुछ लोगों ने उसे पकड़कर बांध दिया और पीटने लगे। डर के कारण उसने खुद को बच्चा चोर बता भी दिया।
लड़का कह रहा था कि वह बिहार और उससे लगे इलाकाें के बच्चों को पकड़कर भोपाल ले जाता है, जहां हमीदिया अस्पताल में किडनी निकालते हैं, उसके साथ और लोग हैं। इस वीडियो के अफवाह को सच मानकर 24 फरवरी को भाेपाल के बैरसिया में एक युवक को लोगों ने पीट दिया। ये हकीकत: वायरल वीडियो वाला मामला पूरी तरह फर्जी निकला। जांच में सामने आया कि यह वीडियो 2019 का था और उत्तर प्रदेश के जालौन जिले का था। पुलिस ने इस मामले में वीडियो डालने वाले यूजर पर केस दर्ज किया। दूसरी ओर बैरसिया में जिस युवक को लोगों ने बच्चा चोर समझकर पीटा वो मानसिक बीमार पाया गया। उसके खिलाफ बच्चा चोरी का कोई सबूत नहीं मिला।
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