बदलते मौसम में खतरा बढ़ा, पशुपालक करें इस बीमारी का फ्री वैक्सीनेशन, पशुओं का करें बचाव

बदलते मौसम में खतरा बढ़ा, पशुपालक करें इस बीमारी का फ्री वैक्सीनेशन, पशुओं का करें बचाव


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Foot And Mouth Disease Alert: बदलते मौसम के बीच सीधी के ग्रामीण इलाकों में मुंहपका-खुरपका बीमारी का खतरा बढ़ गया है. दुधारू पशुओं में संक्रमण फैलने से दूध उत्पादन में गिरावट आ रही है, जिससे पशुपालकों की आय पर सीधा असर पड़ रहा है. डॉक्टर ने समय पर टीकाकरण और उपचार पर जोर दिया है.

Foot And Mouth Disease Alert: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में कृषि के साथ-साथ पशुपालन भी किसानों की आय का अहम जरिया है. बड़ी संख्या में किसान गाय और भैंस पालन कर अच्छी कमाई कर रहे हैं. हालांकि, इन दिनों बदलते मौसम के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. मुंहपका-खुरपका तेजी से फैलने की आशंका है. यह रोग दुधारू पशुओं को प्रभावित कर उनके मुंह और खुरों में घाव कर देता है, जिससे दूध उत्पादन घट जाता है. पशु चिकित्सालय के उपसंचालक डॉ. जितेंद्र कुमार गुप्ता ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि मार्च के महीने में मौसम उतार-चढ़ाव के कारण ग्रामीण इलाकों में संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ जाती है. इन दिनों मुंहपका-खुरपका रोग का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. यह बीमारी वैज्ञानिक भाषा में फूट एंड माउथ डिजीज कहलाती है, जो मुख्य रूप से गाय, भैंस और अन्य दुधारू पशुओं को प्रभावित करती है.

एफएमडी एक अत्यंत संक्रामक वायरल रोग है. इसकी शुरुआत पशु के मुंह से होती है, जहां छाले पड़ जाते हैं और अधिक मात्रा में लार निकलने लगती है. अगर यह लार आगे के पैरों तक पहुंच जाए तो खुरों में भी घाव बन सकते हैं. इससे पशु को चलने-फिरने में दिक्कत होती है और तेज बुखार भी आ सकता है. बीमारी का सबसे बड़ा असर दूध उत्पादन पर पड़ता है. संक्रमित पशु की दूध देने की क्षमता अचानक कम हो जाती है. गंभीर स्थिति में पशु की मृत्यु तक हो सकती है, जिससे पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है.

टीकाकरण अभियान चला
डॉ. गुप्ता के अनुसार, समय पर टीकाकरण ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है. सरकार द्वारा नियमित अंतराल पर टीकाकरण अभियान चलाया जाता है. जिले में 1 जनवरी से मुफ्त टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है, जो 15 मार्च तक जारी रहेगा. इस दौरान पशु कर्मी गांव-गांव जाकर पशुओं को निःशुल्क टीका लगा रहे हैं. पशुपालक चाहें तो अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय में भी संपर्क कर सकते हैं. डॉ. गुप्ता ने पशुपालकों से अपील की है कि पशुपालक लापरवाही न बरतें और अपने सभी दुधारू पशुओं का टीकाकरण जरूर कराएं. अगर किसी कारणवश कोई पशुपालक छूट गया हो, तो वह सीधे जिला पशुपालन कार्यालय में संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकता है.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें



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