बाबा के साथ खेलनी है होली? उज्जैन महाकाल मंदिर का ये है नया उत्सव नियम

बाबा के साथ खेलनी है होली? उज्जैन महाकाल मंदिर का ये है नया उत्सव नियम


Last Updated:

Mahakal Mandir Holi: दो साल पहले होली उत्सव के दौरान महाकाल की भस्म आरती मे आगजनी हो गई थी. उस घटना से सबक लेते हुए इस बार महाकाल दरबार की होली के नियम बदल गए हैं. उत्सव में शामिल होने से पहले ये नियम जान लें, ताकि परेशान न होना पड़े.

ख़बरें फटाफट

उज्जैन : विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के दरबार में होली का उत्सव बड़े ही धूमधाम के साथ में बनाया जाता है. महाकाल मंदिर 12 ज्योतिर्लिंग में से तीसरे नंबर पर विराजमान है. यहां की परंपरा बाकी जगह से अलग देखने को मिलती है. इसी कड़ी मे कुछ दिनों में होली का पर्व आ रहा है. जिसमें सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु भगवान महाकाल के साथ में होली खेलने उज्जैन पहुंचेंगे. अगर आप भी बाबा महाकाल के साथ होली खेलने का प्लान बना रहे है. तो पहले कुछ नियम जानना बेहद जरूरी है. क्योंकि 2 साल पहले की एक घटना ने श्री महाकालेश्वर मंदिर के नियम में कई परिवर्तन हुए हैं.

क्यों बनी नियम बनाने की जरूरत 
दरसल साल 2024 की धुलेंडी पर भस्म आरती के समय हुई आगजनी की घटना ने सभी को सतर्क कर दिया था. उस हादसे में एक पुजारी समेत लगभग 14 लोग घायल हो गए थे. इसी अनुभव से सबक लेते हुए मंदिर प्रशासन ने इस बार सख्त और नए दिशा-निर्देश लागू करने का निर्णय लिया है.

श्रद्धांलु नही ले जा पाएंगे रंग-ग़ुलाल 
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में होली के अवसर पर रंग और गुलाल ले जाने पर पूर्ण रोक लगा दी गई है. मंदिर परिसर और महाकाल लोक में श्रद्धालु होली उत्सव नहीं मना पाएंगे 2 और 3 मार्च को प्रवेश से पहले कड़ी सुरक्षा जांच अनिवार्य रहेगी. इसलिए इस बार पूरे परिसर में रंग पर पूर्ण रोक गर्भगृह, नंदी मंडपम्, गणेश मंडपम्, कार्तिकेय मंडपम् सहित संपूर्ण मंदिर परिसर और महाकाल लोक क्षेत्र में किसी भी प्रकार का रंग-गुलाल ले जाना प्रतिबंधित है. रंग उड़ाना या विशेष उपकरण से रंग फैलाना और एक-दूसरे को रंग लगाना पूरी तरह वर्जित रहेगा.

आखिर कैसे निभाई जाएगी परम्परा?
महाकाल मंदिर के प्रसाशक प्रथम कौशिक ने बताया कि, श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में इस बार गुलाल केवल प्रतीक के रूप में अर्पित किया जाएगा. भगवान श्री महाकालेश्वर की त्रिकाल आरती के दौरान हर आरती में 1-1 किलो हर्बल गुलाल श्रद्धा स्वरूप चढ़ाया जाएगा. यह गुलाल मंदिर की कोठार शाखा द्वारा भस्म आरती, शयन आरती और शासकीय पुजारियों के लिए विशेष रूप से उपलब्ध कराया जाएगा.

जानिए किस-किस पर लागू होगा नियम 
श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में सभी पुजारी, पुरोहित, अधिकारी, पुलिसकर्मी, कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी, सफाईकर्मी और आउटसोर्स स्टाफ बिना रंग-गुलाल के ही प्रवेश करेंगे हर व्यक्ति को अपने सामान की सख्त जांच के बाद ही अंदर जाने की अनुमति मिलेगी. परिसर के भीतर एक-दूसरे को रंग लगाने पर पूरी तरह रोक रहेगी. साथ ही सभी प्रवेश द्वारों पर तैनात निरीक्षक और सुरक्षाकर्मी श्रद्धालुओं की जांच करेंगे. इतना ही नही मंदिर कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के जरिए संपूर्ण परिसर की लगातार मॉनिटरिंग होगी.किसी भी प्रकार के रंग या विशेष उपकरण के प्रवेश और उपयोग को तुरंत रोका जाएगा.

About the Author

Amit Singh

7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें



Source link