जबलपुर की ओमती पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी उड़िया मोहल्ला के रहने वाले हैं और उन्होंने 2021-22 के दौरान सहायक ग्रेड-2 और ग्रेड-3 में नौकरी लगवाने का झांसा देकर दो लोग
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पीड़ितों ने बताया कि आरोपी अब तक करीब 10 लाख रुपए ले चुके हैं और हर बार झूठे वादे करते रहे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने हिमांशु यादव और नीलचंद यादव को हिरासत में लिया और शनिवार को कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
पूछने पर हर बार बहाना बनाते रहे ठग
जबलपुर के ग्वारीघाट और गोरखपुर क्षेत्र के रहने वाले विनोद सेन और रामप्रसाद सेन की साल 2021 में हिमांशु यादव से पहचान हुई थी। बातचीत के दौरान हिमांशु ने बताया कि उसकी मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में अच्छी पहचान है और वह सहायक ग्रेड-2 और 3 की वैकेंसी में उनकी नौकरी लगवा सकता है। इसके एवज में उसने दोनों से 5-5 लाख रुपए की मांग की। भरोसा दिलाने के लिए हिमांशु ने उन्हें अपने साथी नीलचंद यादव से मिलवाया और दोनों ने फर्जी फार्म भरवाकर पैसे जमा करने को कहा।
विनोद ने 3.54 लाख और रामप्रसाद ने लगभग 5.5 लाख रुपए हिमांशु को दे दिए, लेकिन दो साल गुजरने के बाद भी न तो कोई जॉइनिंग लेटर मिला और न ही नौकरी लगी। बार-बार पूछने पर हिमांशु सिर्फ यह कहता रहा कि प्रक्रिया चल रही है।
जांच में हुआ दोनों शातिर ठग का खुलासा
ओमती सीएसपी सोनू कुर्मी ने बताया कि 2021-22 में दिए गए करीब 10 लाख रुपए की शिकायत फरियादियों ने 2024 में की थी। पुलिस लगातार इसकी जांच कर रही थी। शिकायतकर्ता और फरियादियों की बयान लिए गए। जांच में पता चला कि हिमांशु और नीलचंद ने योजनाबद्ध तरीके से दोनों को पहले तो हाईकोर्ट में नौकरी लगवाने का झांसा दिया और फिर उनसे करीब 10 लाख रुपए ले लिए। शनिवार को ओमती थाना पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया है।