लाइन से बोएं मूली, बीच में धनिया, एक खेत में 2 फसल से 45 दिन में डबल कमाई, फायदे चौंकाएंगे

लाइन से बोएं मूली, बीच में धनिया, एक खेत में 2 फसल से 45 दिन में डबल कमाई, फायदे चौंकाएंगे


होमताजा खबरकृषि

लाइन से बोएं मूली, बीच में धनिया, एक खेत में दो फसल से 45 दिन में डबल कमाई

Last Updated:

Agriculture Tips: कृषि एक्सपर्ट के अनुसार, सह-फसली खेती अपनाकर किसान कम समय में ज्यादा उत्पादन ले सकते हैं. अपनी आय बढ़ा सकते हैं. गर्मी के मौसम में मूली और धनिया की खेती किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाला बेहतर विकल्प साबित हो रही है. जानें तरीका…

खंडवा: मार्च का महीना किसानों के लिए नई फसलों की शुरुआत का सबसे बेहतर समय माना जाता है. इस दौरान तापमान धीरे-धीरे बढ़ता है. सब्जियों की खेती के लिए अनुकूल वातावरण बन जाता है. अगर किसान सही योजना के साथ सह-फसली खेती अपनाएं, तो कम समय में ज्यादा उत्पादन और बेहतर कमाई कर सकते हैं. खासकर मूली और धनिया की एक साथ खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा है.

कृषि सलाहकार नरेंद्र पटेल बताते हैं कि मूली और धनिया की सह-फसली खेती कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाली तकनीक है. मूली की कतारों के बीच खाली जगह में धनिया बोने से किसान एक ही खेत से दो फसलें ले सकते हैं. इससे जमीन का पूरा उपयोग होता है और 30 से 50 दिनों के भीतर दोनों फसलें तैयार होकर बाजार में बेचने लायक हो जाती हैं.

ऐसे करें खेत की तैयारी
मूली और धनिया की अच्छी पैदावार के लिए खेत की मिट्टी भुरभुरी और उपजाऊ होनी चाहिए. खेत की अच्छी तरह जुताई कर उसमें सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट मिलाएं. खेत में पानी निकासी की उचित व्यवस्था होना भी जरूरी है, ताकि फसल खराब न हो.

बेड विधि से करें बुवाई
खेती के लिए 3-4 फीट चौड़े बेड बनाएं. बेड के किनारों पर मूली की 2-3 लाइनें बोएं और बीच की खाली जगह में धनिया के बीज छिड़क दें या लाइन में बो दें. मूली की पंक्तियों के बीच 25 से 30 सेंटीमीटर और पौधों के बीच 4 से 10 सेंटीमीटर की दूरी रखें. धनिया के बीजों को बोने से पहले हल्का तोड़कर 24 से 48 घंटे पानी में भिगोने से अंकुरण तेजी से होता है.

सिंचाई और देखभाल का ध्यान
फसल में नमी बनाए रखने के लिए हल्की और नियमित सिंचाई करें. खरपतवार नियंत्रण के लिए बुवाई के 48 घंटे के अंदर पेंडामेथालिन का छिड़काव किया जा सकता है. धनिया की खुशबू प्राकृतिक रूप से कीटों को दूर रखने में मदद करती है, जिससे मूली की फसल भी सुरक्षित रहती है.

कम लागत में ज्यादा फायदा
इस खेती में लगभग 10 से 15 हजार रुपये की लागत आती है, जबकि मुनाफा इससे कई गुना ज्यादा हो सकता है. धनिया की फसल 30 से 40 दिन में तैयार हो जाती है, जबकि मूली 45 से 50 दिन में बाजार में बेचने योग्य हो जाती है. दोनों फसलों की बाजार में हमेशा मांग बनी रहती है, जिससे किसानों को अच्छी कीमत मिलती है.

About the Author

Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



Source link