रायसेन जिले के उदयपुरा स्थित चिनकी-बोरास परियोजना में मंगलवार को पाइपलाइन बिछाते समय मिट्टी धंसने से एक मजदूर की मलबे में दबकर मौत हो गई। घटना उदयपुरा स्टेट चौरास की है, जहां नर्मदा नदी परियोजना के तहत खोदे गए गड्ढे में काम चल रहा था। मृतक की पहचान छोटू नोरिया के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चिनकी-बोरास बांध परियोजना का कार्य आरवीआर (RVR) कंपनी द्वारा किया जा रहा है। आरोप है कि घटना के समय मौके पर मौजूद कर्मचारियों को किसी भी प्रकार के सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए थे। लापरवाही का आलम यह था कि कार्यस्थल पर कंपनी का कोई जिम्मेदार इंजीनियर या डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर (DPM) भी मौजूद नहीं था। चेतावनी के बाद भी चालक ने नहीं दिया ध्यान मृतक के साथ काम कर रहे मजदूर भगवान दास ने बताया कि खुदाई के दौरान जेसीबी चालक को बार-बार खतरा होने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया। अचानक मिट्टी धंसने से छोटू गड्ढे में दब गया। उसे करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद बाहर निकाला जा सका, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शुरू की जांच घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। बरेली एसडीओपी कुंवर सिंह मुकाती ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और कार्य में बरती गई लापरवाही की विस्तृत जांच की जा रही है।
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