नीमच जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने मध्य प्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण का निवारण) नियम 2022 के तहत चार अलग-अलग मामलों में सुनवाई करते हुए अवैध रेत परिवहन करने वाले वाहन मालिकों पर कुल 6 लाख 7 हजार 552 रुपए का जुर्माना लगाया है। खनिज विभाग द्वारा पकड़े गए इन मामलों में, चित्तौड़गढ़ निवासी देवीलाल पिता नारायणलाल पर सबसे बड़ी शास्ति अधिरोपित की गई है। उन पर 45 हजार रुपए रॉयल्टी अर्थदंड और 4 लाख रुपये पर्यावरण क्षतिपूर्ति सहित कुल 4 लाख 45 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसी क्रम में, डगला का खेड़ा निवासी शुभम पिता उमेश जायसवाल को भी रेत का अवैध परिवहन महंगा पड़ा। उन पर 1 लाख 5 हजार 52 रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई की जद में मनासा क्षेत्र के दो वाहन मालिक भी आए हैं। इनमें खानखेड़ी निवासी दिनेश पिता मुकेश नागदा और पिपलियाखुर्द निवासी अर्जुन पिता गोपाल गुर्जर शामिल हैं। इन दोनों पर 28-28 हजार 750 रुपए की शास्ति अधिरोपित की गई है। इन मामलों में खनिज रॉयल्टी का 15 गुना अर्थदंड और 25 हजार रुपए की पर्यावरण क्षतिपूर्ति वसूली जाएगी। उल्लेखनीय है कि खनिज विभाग ने इन वाहनों को अवैध रूप से रेत ले जाते हुए पकड़ा था। इसके बाद संबंधित प्रकरण कलेक्टर न्यायालय नीमच में प्रस्तुत किए गए थे, जहां कलेक्टर ने इन पर कार्रवाई की। प्रशासन ने जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई हुई है।
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