Last Updated:
Anushka Pandey Satna: अनुष्का पांडे की नजरें अब साल 2027 में होने वाली मॉस्को वुशु स्टार्स चैंपियनशिप के ट्रायल्स पर टिकी हैं. वह चाहती हैं कि इस चैंपियनशिप में चयनित होकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करें.
सतना. मध्य प्रदेश के सतना जिले की 15 वर्षीय छात्रा अनुष्का पांडे आज खेल जगत में तेजी से उभरता हुआ नाम बन चुकी हैं. कभी सिर्फ वजन कम करने के उद्देश्य से खेलों की शुरुआत करने वाली यह होनहार खिलाड़ी आज कई खेलों में गोल्ड मेडल जीतकर जिले का नाम रोशन कर रही है. शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक एक की 10वीं की छात्रा अनुष्का ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगातार अभ्यास से न सिर्फ राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते हैं बल्कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन का ध्यान भी अपनी ओर आकर्षित किया है. उनकी इसी उपलब्धि के चलते उन्हें कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है और अब उनकी नजरें अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का तिरंगा लहराने पर टिकी हैं.
लोकल 18 से बातचीत में अनुष्का पांडे ने कहा कि उनका मुख्य खेल वुशु है, जिसमें उन्होंने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं. नवंबर 2024 में जम्मू-कश्मीर में आयोजित एसजीएफआई नेशनल प्रतियोगिता में उन्होंने कांस्य पदक जीतकर अपने खेल कौशल का परिचय दिया. इसके अलावा 2025 में श्रीनगर कश्मीर में आयोजित स्कूल गेम्स नेशनल में भी उन्होंने भाग लिया और प्रदर्शन से सबका दिल जीत लिया. वहीं हैदराबाद के गछीबवली में आयोजित हुई फेडरेशन नेशनल प्रतियोगिता में उन्होंने 60 किलोग्राम वर्ग में अपनी दमदार भागीदारी दर्ज कराई. वुशु के साथ-साथ अनुष्का ने कुश्ती में भी शानदार प्रदर्शन किया है. खेलो एमपी 2026 के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिता में उन्होंने कुश्ती में संभाग स्तर पर पहला स्थान हासिल किया और राज्य स्तर तक पहुंचीं. लगातार मेहनत और लगन के कारण वर्ष 2023 से अब तक वे राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में कई बार गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं.
100 मीटर दौड़ में भी दिखाया दम
अनुष्का सिर्फ मार्शल आर्ट या कुश्ती तक सीमित नहीं हैं बल्कि एथलेटिक्स में भी उन्होंने अपनी क्षमता साबित की है. स्कूल स्तर की प्रतियोगिता में उन्होंने 100 मीटर की दौड़ मात्र 13 सेकंड में पूरी कर पहला स्थान हासिल किया. इतनी कम उम्र में अलग-अलग खेलों में लगातार सफलता हासिल करना उनकी कड़ी मेहनत और फिटनेस का प्रमाण है.
वजन कम करने के लिए शुरू किया था खेल
अनुष्का ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2022 में खेलों की शुरुआत की थी. उस समय उनकी उम्र मात्र 12 साल थी और उनका वजन करीब 68 किलो था. उनका लक्ष्य सिर्फ इतना था कि किसी तरह वजन कम हो जाए और फिटनेस बेहतर हो सके. उसी दौरान पन्ना में एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित हुई थी, जिसमें भाग लेने की इच्छा थी लेकिन ज्यादा वजन होने के कारण उन्हें मौका नहीं मिल पाया. इस बात को उन्होंने हार की तरह नहीं लिया बल्कि खुद को और मजबूत बनाने का फैसला किया. लगातार मेहनत के बाद उन्होंने करीब 10 किलो वजन कम किया और फिर खेलों में दमदार वापसी की.
रोजाना करती हैं कई घंटे अभ्यास
अनुष्का के अनुसार, वुशु पर उनका मुख्य फोकस है और इसके लिए वह नियमित अभ्यास करती हैं. स्कूल के दिनों में भी वह सुबह और शाम अभ्यास के लिए समय निकालती हैं. जब स्कूल नहीं होता, तो सुबह 7 से 9 बजे तक और शाम 6 से 8 बजे तक नियमित ट्रेनिंग करती हैं. उनके कोच शैलेंद्र शर्मा का लक्ष्य है कि अगले दो वर्षों में उन्हें पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार किया जाए.
अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराने का सपना
अनुष्का की नजरें अब 2027 में होने वाली मॉस्को वुशु स्टार्स चैंपियनशिप के ट्रायल्स पर टिकी हैं. वह चाहती हैं कि इस प्रतियोगिता में चयनित होकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करें. उनका मानना है कि खेल फिट रहने का सबसे अच्छा तरीका है लेकिन यदि सरकार मध्यम वर्ग के खिलाड़ियों को और अधिक समर्थन दे, तो वे देश के लिए कई पदक जीत सकते हैं.
परिवार और प्रेरणा से मिली ताकत
अनुष्का की सफलता के पीछे उनके परिवार का बड़ा योगदान है. उनके पिता ने ही उन्हें खेलों में आने के लिए प्रेरित किया था ताकि वह फिट रह सकें और वजन कम कर सकें. वहीं उनकी मां और बड़े पिता ने भी हमेशा उनका साथ दिया. अनुष्का बताती हैं कि वह अपने क्षेत्र की खिलाड़ी गीतांजलि दीदी को अपनी प्रेरणा मानती हैं.
देश सेवा का भी है सपना
खेल के साथ-साथ अनुष्का का सपना देश सेवा करना भी है. वह भविष्य में बीएसएफ या सीआरपीएफ जैसे सुरक्षाबलों में शामिल होना चाहती हैं और वहीं रहते हुए अपने खेल को भी जारी रखना चाहती हैं. अपनी मेहनत और लगन से अनुष्का आज सतना जिले की गोल्डन गर्ल बन चुकी हैं और आने वाले समय में उनसे और भी बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद की जा रही है.
About the Author
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.