मध्यप्रदेश में चल रही बोर्ड परीक्षाओं के तहत शनिवार को कक्षा 12वीं का अंतिम (हिंदी) पेपर भी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। इसके साथ ही महीनों से चल रहे पढ़ाई के तनाव से छात्रों ने राहत की सांस ली है। गौरतलब है कि कक्षा 10वीं की परीक्षाएं एक दिन पहले ही खत्म हो चुकी हैं। शनिवार को 12वीं का पेपर खत्म होते ही परीक्षा केंद्रों के बाहर का नजारा पूरी तरह बदल गया और उल्लास से भरे छात्रों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर जमकर जश्न मनाया। परीक्षा देकर बाहर निकले छात्र-छात्राओं ने बताया कि इस बार 4 मार्च को होली का मुख्य पर्व था, लेकिन उस दौरान उनकी बोर्ड परीक्षाएं चल रही थीं। अपने भविष्य और पढ़ाई को प्राथमिकता देते हुए कई छात्रों ने उस दिन होली नहीं खेली थी। उनका मुख्य फोकस सिर्फ अपनी परीक्षाओं की तैयारी पर था, जिसके कारण उन्होंने त्योहार की मस्ती को कुछ दिनों के लिए टालने का फैसला किया था। आखिरी पेपर गया शानदार, गुलाल लगाकर दी बधाई छात्रों के चेहरे पर परीक्षा खत्म होने की दोहरी खुशी साफ नजर आ रही थी। उन्होंने बताया कि आज हिंदी का आखिरी पेपर था और वह काफी अच्छा गया है। परीक्षा के दबाव से पूरी तरह मुक्त होने के बाद, छात्र-छात्राओं ने स्कूल के बाहर ही अपने दोस्तों की टोलियों के साथ एक-दूसरे को गुलाल लगाकर बधाई दी और गले मिलकर अपनी रुकी हुई होली का जमकर आनंद लिया। अभिभावकों और शिक्षकों ने की बच्चों की समझदारी की सराहना परीक्षा से पहले त्योहार की मस्ती का त्याग करने और जिम्मेदारी से अपनी पढ़ाई करने पर अभिभावकों और शिक्षकों ने भी छात्रों के इस कदम की जमकर सराहना की है। शिक्षकों का कहना है कि बच्चों ने परिपक्वता दिखाते हुए पहले अपनी बोर्ड परीक्षाओं को महत्व दिया, और अब तनावमुक्त होकर उनका खुलकर त्योहार मनाना पूरी तरह जायज है।
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