मध्य प्रदेश में वन एवं वन्य-जीव संरक्षण के लिए की जा रही कार्यवाही में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश द्वारा तस्करी के आरोपी तारकनाथ घोष निवासी पश्चिम बंगाल को अरेस्ट किया है। घोष 11 साल से फरार था, उसे विशेष न्यायालय शिवपुरी के समक्ष पेश किया जाएगा। 8 मार्च को दुर्लभ जलीय और वन्य-जीवों की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तस्करी के मामले में फरार आरोपी तारकनाथ घोष पुत्र निताई घोष, उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल को गिरफ्तार किया गया है। घोष को कानपुर रेलवे स्टेशन से स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की मुख्यालय भोपाल, शिवपुरी यूनिट और वन्य-जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो नई दिल्ली की जाइंट टीम ने गिरफ्तारी की है। तस्करी के प्रकरण में पूर्व में क्षेत्रीय यूनिट भोपाल, शिवपुरी द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों से घड़ियाल के 30 बच्चे, 17 रेड क्राउंड-रूफ्ड कछुए, 19 स्ट्रिप्ड-रूफ्ड कछुए जब्त कर 12 जुलाई, 2025 को वन अपराध प्रकरण दर्ज किया था। इसमें 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी तारकनाथ घोष के विरुद्ध एसटीएसएफ द्वारा दर्ज वन अपराध प्रकरण 5 मई, 2017 को सीबीआई के सुपुर्द किया जा चुका था। आरोपी 9 वर्षों से फरार था, जिसे पकड़ने के लिये एसटीएसएफ द्वारा 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। आरोपी को विशेष न्यायालय शिवपुरी के समक्ष प्रस्तुत कर फॉरेस्ट रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी, जिससे गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी भी जुटाई जा सकेगी।
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