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Khandwa News: आज स्मिता बरौले के ब्रांड ‘आरंभ’ का मल्टीग्रेन आटा खंडवा के साथ-साथ भोपाल, इंदौर, देवास, जबलपुर और सनावद जैसे शहरों तक पहुंच रहा है. उनके पास मल्टीग्रेन आटा के अलावा बाजरा, ज्वार, रागी और जौ से बने कई हेल्दी प्रोडक्ट्स भी हैं.
खंडवा. मध्य प्रदेश के खंडवा में एक महिला ने छोटी सी शुरुआत से बड़ा काम खड़ा कर दिया. कोरोना काल में जब लोगों के सामने रोजगार की परेशानी थी, उसी समय खंडवा की स्मिता बरौले ने हिम्मत दिखाई और सिर्फ 5000 रुपये से अपना छोटा व्यवसाय शुरू किया. आज वही काम बढ़कर रोजाना करीब 4000 से 5000 रुपये के व्यापार तक पहुंच गया है. स्मिता ने न सिर्फ खुद आत्मनिर्भर बनने का रास्ता चुना बल्कि अपने साथ करीब 10 महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ दिया. आज उनका मल्टीग्रेन आटा मध्य प्रदेश के कई शहरों तक पहुंच रहा है. संतोषी माता स्वयं सहायता समूह से जुड़ी स्मिता बरौले लोकल 18 को बताती हैं कि कोरोना के समय जब सब लोग घरों में थे और काम-धंधा बंद था, तब उन्होंने कुछ नया करने का सोचा. उस समय उनके पास सिर्फ 5000 रुपये थे. स्मिता ने अपनी कुछ साथियों के साथ मिलकर घर से नमकीन बनाने का काम शुरू किया. पांच महिलाओं ने मिलकर हाथ से बनी नमकीन तैयार की और लोगों तक पहुंचाना शुरू किया. लोगों को घर की बनी चीजें पसंद आने लगीं और धीरे-धीरे उनका काम चल निकला.
काम आगे बढ़ाने के लिए स्मिता ने नगर निगम के जरिए शहरी आजीविका मिशन के बारे में जानकारी ली. इसके बाद उन्होंने महिलाओं का एक स्वयं सहायता समूह बनाया. समूह की महिलाओं ने छोटी-छोटी बचत शुरू की और बैंक में खाता खुलवाया. फिर इसी के जरिए उन्होंने अपने काम को आगे बढ़ाने की योजना बनाई.
मल्टीग्रेन आटे की शुरुआत
स्मिता बताती हैं कि कोरोना के समय लोगों में इम्युनिटी और सेहत को लेकर जागरूकता बढ़ी. उसी दौरान उन्हें मल्टीग्रेन आटा बनाने का विचार आया. उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र से जानकारी ली और फिर ज्वार, बाजरा, मक्का और रागी जैसे मोटे अनाज से मल्टीग्रेन आटा तैयार करना शुरू किया. शुरुआत में लोगों को इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, इसलिए इसे बेचने में थोड़ी मुश्किल भी आई.
कलेक्टर से मुलाकात बनी टर्निंग पॉइंट
वह आगे बताती हैं कि एक मेले में उन्होंने मिलेट्स से बना चीला तैयार कर स्टॉल लगाया था. उसी दौरान कलेक्टर वहां पहुंचे और उन्होंने चीला चखा. उन्हें वह काफी पसंद आया. जब उन्होंने अपने काम और लोन की परेशानी के बारे में बताया, तो प्रशासन की तरफ से उन्हें मदद मिली. इसके बाद उनके व्यवसाय को आगे बढ़ने का मौका मिला.
कई शहरों तक पहुंचा उत्पाद
आज स्मिता बरौले का ‘आरंभ’ ब्रांड का मल्टीग्रेन आटा खंडवा के साथ-साथ इंदौर, भोपाल, देवास, जबलपुर और सनावद जैसे शहरों तक पहुंच रहा है. उनके पास मल्टीग्रेन आटा के अलावा ज्वार, बाजरा, रागी और जौ से बने कई उत्पाद भी हैं. ये उत्पाद स्वास्थ्य के लिए अच्छे माने जाते हैं और कई डॉक्टर भी इन्हें खाने की सलाह देते हैं.
महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
स्मिता बरौले की कहानी यह बताती है कि अगर हिम्मत और मेहनत हो, तो छोटी शुरुआत से भी बड़ा काम खड़ा किया जा सकता है. आज वह खुद भी आत्मनिर्भर हैं और अपने साथ कई महिलाओं को रोजगार देकर उन्हें भी आगे बढ़ने का मौका दे रही हैं.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.