आगर मालवा जिला मुख्यालय सहित सुसनेर और नलखेड़ा न्यायालयों में शनिवार को वर्ष 2026 की पहली नेशनल लोक अदालत आयोजित की गई। 9 खंडपीठों के माध्यम से कुल 583 लंबित और प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का आपसी समझौते से निपटारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और महात्मा गांधी व मां सरस्वती के चित्रों पर माल्यार्पण के साथ हुआ। दुर्घटना दावों में करोड़ों का सेटलमेंट लोक अदालत में लंबित 321 प्रकरणों में से 213 का निराकरण हुआ, जिससे 471 पक्षकार लाभान्वित हुए। मोटरयान दुर्घटना के 8 मामलों में 64 लाख 55 हजार रुपये का मुआवजा अवार्ड पारित किया गया। वहीं, चेक बाउंस के 25 मामलों में पक्षकारों के बीच 51 लाख 24 हजार रुपये की राशि पर समझौता हुआ। 49 पारिवारिक विवादों का समाधान अदालत में 49 पारिवारिक विवादों का समाधान किया गया। कई दंपतियों ने पुराने मतभेद भुलाकर साथ रहने का निर्णय लिया। पूजा और अर्जुन के प्रकरण में समझौते के बाद न्यायाधीशों ने उनके पांच वर्षीय बच्चे को पौधा भेंट कर उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। प्रीलिटिगेशन में एक करोड़ से अधिक की वसूली प्रीलिटिगेशन स्तर के कुल 370 मामलों का पूर्ण निराकरण किया गया। इसके माध्यम से बैंक, फाइनेंस कंपनी, नगरपालिका के संपत्ति व जलकर और विद्युत विभाग के बकाया ऋणों से संबंधित लगभग 1 करोड़ 9 लाख 44 हजार 350 रुपए की वसूली की गई। 9 खंडपीठों ने सुनीं समस्याएं लोक अदालत में आपराधिक, दीवानी, भू-अर्जन और विद्युत अधिनियम सहित विभिन्न प्रकृति के मामलों की सुनवाई हुई। इस दौरान जिला न्यायाधीश, अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी, अभियोजन अधिकारी और न्यायिक कर्मचारी मौजूद रहे।
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