फरीदाबाद के सुरजकुंड-पाली रोड पर हुए हादसे ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया! लैंड रोवर डिफेंडर जैसी 5-स्टार Euro NCAP रेटेड, ADAS से लैस प्रीमियम SUV में भी इतना घातक एक्सीडेंट कैसे हो गया? 24 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर मयंक भड़ाना अपनी व्हाइट डिफेंडर 110 में गुरुग्राम जा रहे थे.
अचानक रास्ते पर मवेशी आ गए. बचाने के चक्कर में उन्होंने कंट्रोल खोया और सड़क किनारे खड़े डंपर ट्रक में पीछे से टक्कर मार दी. हाई-स्पीड इम्पैक्ट में गाड़ी का फ्रंट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. एक्सीडेंट के दौरान एयरबैग्स भी डिप्लॉय हुए, फिर भी मयंक मौके पर ही मर गए.
डिफेंडर भी अनसेफ?
ऐसे में सवाल उठता है कि इतनी सेफ्टी के बावजूद ऐसी स्थिति कैसे बनी? जवाब है ह्यूमन एरर और फिजिक्स की लिमिट. डिफेंडर में 6 एयरबैग्स, ABS, EBD, ESC, ट्रैक्शन कंट्रोल और हिल डिसेंट कंट्रोल जैसी एक्टिव सेफ्टी है, लेकिन अगर स्पीड 80-100 किमी/घंटा हो और अचानक स्वर्व करें, तो ब्रेकिंग डिस्टेंस बढ़ जाता है.
फॉरवर्ड कॉलिजन वार्निंग और ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग (AEB) काम करता है, लेकिन अगर ऑब्स्टेकल (मवेशी) बहुत करीब हो या ड्राइवर पहले से ब्रेक न लगाए तो सिस्टम लिमिट में आ जाता है. ADAS सूट (एडाप्टिव क्रूज कंट्रोल, लेन कीप असिस्ट, ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग) भी तब मदद करता है जब ड्राइवर अलर्ट रहे.
Defender के सेफ्टी फीचर्स
डिफेंडर की खास फीचर्स, जो ऐसे एक्सीडेंट रोक सकते थे-
- Terrain Response 2 + एयर सस्पेंशन: बेहतरीन स्टेबिलिटी और क्विक रिकवरी के लिए.
- 360° कैमरा + क्लियरसाइट ग्राउंड व्यू: रोड पर हर छोटी चीज दिखती है.
- ADAS पैक: फॉरवर्ड कॉलिजन असिस्ट, इमरजेंसी ब्रेकिंग और लेन डिपार्चर वार्निंग.
- इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम: हाई-स्पीड पर स्किडिंग रोकता है.
ऐसे एक्सीडेंट से बचने के लिए क्या करें?
अगर आपको इस तरह के हादसों से बचना है, तो गाड़ी हमेशा लिमिटेड स्पीड में ही चलाएं. अगर हाईवे के आसपास आपको आबादी वाला क्षेत्र दिखे, तो कार को 60 KMPH से ऊपर न जानें दे, इससे गाड़ी पर आपको कंट्रोल बना रहेगा. इसके अलावा, नीचे दी गई जानकारियां आपके काम आने वाली हैं-
- ADAS एक्टिव रखें, एडाप्टिव क्रूज और AEB को डिसेबल न करें.
- स्पीड लिमिट का सख्ती से पालन करें, खासकर अननोन रोड पर.
- अचानक स्वर्व करने की बजाय हॉर्न + ब्रेक का इस्तेमाल करें.
- ड्राइवर असिस्ट सिस्टम पर भरोसा करें, लेकिन आंखें सड़क पर रखें.
- टायर प्रेशर, ब्रेक फ्लूइड और सस्पेंशन की नियमित चेकिंग कराएं.
- रात या बारिश में स्पीड 20% कम रखें.
ये हादसा याद दिलाता है कि कोई भी कार 100% सेफ नहीं होती. ड्राइवर की सतर्कता सबसे बड़ा फीचर है. डिफेंडर जैसी मशीन आपको कॉन्फिडेंस देती है, लेकिन जिम्मेदारी आपकी है. रोड सेफ्टी नियमों का पालन करें, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाएं कम हों. स्पीडिंग करना सबसे बड़ा खतरा है.