आष्टा में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारी नगर पालिका कार्यालय के सामने टेंट लगाकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन को धार देने के लिए सफाई कर्मचारी नेता राहुल वाल्मीकि भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। सफाई कर्मचारी मोर्चा के संभाग अध्यक्ष राहुल वाल्मीकि ने अपनी मांगों की ओर प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए शहर के मुख्य मार्गों से पैदल मार्च निकाला और तहसील कार्यालय पहुंचे। उनकी भूख हड़ताल रात में भी जारी रही। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक नगर पालिका अध्यक्ष या सीएमओ खुद आकर उनसे चर्चा नहीं करते, तब तक यह धरना खत्म नहीं होगा। क्या हैं कर्मचारियों की मांगें? हड़ताल कर रहे कर्मचारियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं- पिछले दिनों काम से हटाए गए करीब 65 सफाई कर्मचारियों को वापस नौकरी पर रखा जाए। भविष्य निधि (जीएफ) का भुगतान किया जाए। हर महीने तय समय पर वेतन मिलना सुनिश्चित हो। नगर पालिका सीएमओ का पक्ष इस मामले में नगर पालिका सीएमओ विनोद प्रजापति ने बताया कि नगर पालिका कर्मचारियों के हित में ही काम कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि हटाए गए कर्मचारियों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और उन्हें जल्द ही काम पर वापस लिया जा रहा है। सीएमओ का दावा है कि वेतन नियमित दिया जा रहा है और जायज मांगें मान ली गई हैं, हालांकि कुछ अनुचित मांगों को पूरा करना संभव नहीं है। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर प्रशासन को आवेदन भी दिया है।
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