MP सरकार ने गेहूं खरीद के नियम बदले, इस बार उपार्जन केंद्रों में नहीं होंगी पिछले गलतियां

MP सरकार ने गेहूं खरीद के नियम बदले, इस बार उपार्जन केंद्रों में नहीं होंगी पिछले गलतियां


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MP News: कुछ जिलों में 16 मार्च से खरीदी शुरू हो गई है. कुछ में 23 मार्च से उपार्जन का कार्य शुरू हो जाएगा. बचे जिले अप्रैल के पहले सप्ताह में शुरुवात करेंगे. इस दौरान किसानों की सुविधाओं को फोकस में रखकर 16 बिंदु बनाए गए हैं. इसमें सबसे पहले जहां पर भी उपार्जन केंद्र होगा, वहां…

Sagar News: मध्य प्रदेश में इस बार मार्च में ही सरकार द्वारा गेहूं खरीदी शुरू की जा रही है. प्रदेश में 3623 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं. कुछ जिलों में 16 मार्च से खरीदी शुरू हो गई है. कुछ में 23 मार्च से उपार्जन का कार्य शुरू हो जाएगा. बचे जिले अप्रैल के पहले सप्ताह में शुरुवात करेंगे. सागर सहित बुंदेलखंड में लगभग 14 लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल खेतों में खड़ी है. अब तापमान 37 डिग्री के ऊपर जा रहा है. उससे खड़ी फसले भी फटाफट पक रही हैं. किसानों द्वारा इनकी कटाई कार्य भी धीरे-धीरे शुरू किया जा रहा है.

मार्च में ही लगभग 60 से 70 प्रतिशत गेहूं कटाई होने की संभावना है. अब जब मार्च में गेहूं की कटाई होने वाली है तो सरकार ने भी खरीदी को लेकर अपने इंतजाम कर लिए हैं. इसमें केंद्र सरकार द्वारा 2585 और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 40 रुपए का बोनस मिलकर 2625 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं की खरीदी की जाएगी. उपार्जन केंद्रों तक पहुंचने वाले किसानों के लिए किस तरह की सुविधा रहेगी और उपार्जन केंद्र किस तरह के बनाए जा रहे हैं, इसको लेकर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है.

उपार्जन केंद्र में होगी ऐसी व्यवस्था
इसमें किसानों की सुविधाओं को फोकस में रखकर 16 बिंदु बनाए गए हैं, जहां पर भी उपार्जन केंद्र होगा, उनमें सबसे पहले तौल काटे, शेड, बाउंड्री वालके साथ पेयजल, टेंट, बैठने की व्यवस्था, तौल मशीन, इंटरनेट कंप्यूटर और गेहूं साफ करने के लिए क्लीनिंग मशीन जैसी व्यवस्थाएं होनी चाहिए. इनकी मॉनिटरिंग करने के लिए एक अलग से पोर्टल भी तैयार किया गया है, जिसमें हर तरह की सुविधा और गतिविधि अपलोड करनी होगी. मध्य प्रदेश में खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम गेहूं की खरीदी करेगा.

80 लाख टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य
मध्य प्रदेश में लगभग 12 लाख 50 हजार किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया है. सरकार द्वारा साल 2026 में 80 लाख टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा गया है, जो पिछले साल से 5 लाख टन अधिक है. इस बार गेहूं खरीदी को लेकर सरकार द्वारा गाइडलाइन में फिर बदलाव किया गया है.

MP में गेहूं खरीदी के नए नियम
– पिछले सालों से सबक लेते हुए सरकार ने तय किया कि खराब स्टॉक वाले गोदामों को इस बार खरीदी केंद्र नहीं बनाया जाएगा.
– गेहूं खरीदी केंद्र बनाते समय इस बात को ध्यान में रखा गया कि कहीं पर भी किसान को अपना अनाज ले जाने के लिए 25 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय न करनी पड़े. इस रेंज की परिधि में कहीं पर भी गेहूं ले जा सके.
– गोदाम स्तरीय खरीदी केंद्र प्राथमिकता के आधार पर उन्हीं गोदामों में स्थापित किए जाएंगे, जिनमें पूर्व के सालों में कोई नान एफएक्यू (औसत गुणक्त्ता से कम) रिजेक्टेड गेहूं भंडारित न हो.
– गोदाम एवं समिति स्तरीय केंद्र वहां बनेंगे, जिनमें 3000 से 5000 टन उपार्जन किया जा सके, इसमें 50 प्रतिशत की वृद्धि कमिश्नर फूड के द्वारा की जा सकेगी.
– जिन केंद्रों पर 500 टन से कम गेहूं का उपार्जन हुआ है, उनको नजदीक के केंद्रों में मिलाया जाएगा. गेहूं खरीदी में अमानक स्तर खरीदी कुल खरीदी की 01 प्रतिशत ही होगी.
– सीहोर व उज्जैन के बाद विदिशा में 190, रायसेन में 189, सागर में 176, नर्मदापुरम में 171 और देवास में 136 केंद्र बनाए जाएंगे.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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