टीकमगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार को पद से हटाने के लिए जारी कारण बताओ नोटिस के मामले में जबलपुर हाईकोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। न्यायालय ने नगरीय प्रशासन विभाग को निर्देशित किया है कि वह याचिकाकर्ता द्वारा मांगी गई जांच रिपोर्ट की प्रति पर 10 दिनों के भीतर विचार कर निर्णय ले। न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकल पीठ ने इस याचिका का अंतिम निपटारा कर दिया है। वित्तीय अनियमितता और पद के दुरुपयोग के आरोप मध्य प्रदेश नगरीय विकास विभाग ने 26 फरवरी 2026 को नगर पालिका अधिनियम की धारा 41-ए के तहत अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इस नोटिस में उन पर वित्तीय गड़बड़ियों और पद के दुरुपयोग से जुड़े कुल नौ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। विभाग ने उन्हें 15 दिनों के भीतर इन आरोपों पर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का समय दिया था। जांच रिपोर्ट की प्रति न मिलने पर पहुंचे थे हाईकोर्ट अब्दुल गफ्फार ने अधिवक्ता विवेक दलाल के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर तर्क दिया था कि उन्हें उस मुख्य जांच रिपोर्ट की कॉपी नहीं दी गई है, जिसके आधार पर नोटिस जारी किया गया है। याचिका में मांग की गई थी कि बिना रिपोर्ट के वे अपना पक्ष प्रभावी ढंग से नहीं रख सकते। शासन की ओर से स्वप्निल गांगुली ने इस मामले में पक्ष रखा। 10 दिन में विभाग को लेना होगा निर्णय हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता ने शहरी विकास एवं आवास विभाग, भोपाल के सचिव के समक्ष जो आवेदन दिया है, उस पर आज से 10 दिनों के भीतर वैधानिक निर्णय लिया जाए। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब गेंद नगरीय प्रशासन विभाग के पाले में है, जिसे तय समय सीमा में रिपोर्ट उपलब्ध कराने या उस पर स्थिति स्पष्ट करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
Source link