शाजापुर में शनिवार को ईद-उल-फितर का पर्व शांति और भाईचारे के साथ मनाया गया। गिरवर रोड स्थित ईदगाह में हजारों मुस्लिम समाजजनों ने एकत्रित होकर सामूहिक नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और खुशियां साझा कीं। ईदगाह परिसर में सुबह से ही उत्साह का वातावरण रहा। इस अवसर पर देश में अमन-शांति, भाईचारे और तरक्की के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। बच्चों में भी खास उत्साह देखने को मिला, जिन्हें बड़ों ने ईदी दी। जरूरतमंदों की मदद कर समाज ने सेवा का संदेश दिया। ईद पर मीठी सेवईयां खिलाकर मुबारका दी जिला प्रशासन और कांग्रेस की ओर से शहर काजी मोहसिन उल्ला और एहसान उल्ला का साफा पहनाकर स्वागत किया गया। जनप्रतिनिधियों एवं समाज के लोगों ने भी पुष्पहार और शाल ओढ़ाकर उनका सम्मान किया। रमजान के पूरे महीने रोजे रखने के बाद ईद का त्योहार मनाया जाता है। इस अवसर के लिए मुस्लिम परिवारों में एक सप्ताह पहले से तैयारियां शुरू हो गई थीं। घरों में मीठी सेवईयां बनाई गईं और रिश्तेदारों को दावतें दी गईं। ईद पर नायब काजी प्यारे मियां बने नए शहर काजी ईदगाह में हाफिज अब्दुल गफ्फार साहब ने नमाज अदा करवाई, जबकि खुतबा काजी रहमतुल्लाह साहब द्वारा पढ़ाया गया। ईद के अवसर पर शहर काजी मौहसिनउल्ला साहब ने अस्वस्थ रहने के चलते अपने उत्तराधिकारी के रूप में नायब काजी प्यारे मियां रहमतुल्ला को शहर काजी की जिम्मेदारी सौंपी। अब वे शाजापुर के शहर काजी होंगे। मुस्लिम समाज के नईम कुरैशी ने बताया कि समाजजनों द्वारा ईद का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रमजान के पवित्र महीने के बाद यह त्यौहार ईश्वर अल्लाह के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। समाजजनों की ओर से सामूहिक नमाज अदा की गई और शहर काजी ने अपने नए उत्तराधिकारी की घोषणा की।
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