बालाघाट जिले के कटंगी स्थित प्राचीन शिव मंदिर में हनुमान प्रतिमा के झुलसने और काली पड़ने की घटना का पुलिस ने शनिवार को खुलासा कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह कोई आपराधिक साजिश नहीं, बल्कि आस्था से जुड़ी एक दुर्घटना थी। संतान प्राप्ति और बच्चों की सफलता की मनोकामना के लिए जलाए गए भारी-भरकम घी के दीपक से प्रतिमा के चोले ने आग पकड़ ली थी। पुलिस अब इस मामले में दर्ज एफआईआर पर ‘खात्मा रिपोर्ट’ पेश करने की तैयारी कर रही है। सवा किलो घी के दीपक से भड़की आग एसपी आदित्य मिश्रा ने प्रेस वार्ता में बताया कि पिपरवानी निवासी बैंककर्मी विनोद डहरवाल और काली माटी निवासी शिक्षक आनंद चौधरी ने मंगलवार और बुधवार की रात मंदिर में विशेष अनुष्ठान किया था। दोनों मित्रों ने चित्रकूट के एक पुजारी के बताए अनुसार सवा किलो घी का अखंड दीपक प्रज्वलित किया था। पूजन के दौरान दीपक की लौ से संभवतः हनुमान जी के चोले में आग लग गई, जिससे प्रतिमा काली हो गई। पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों को दोषमुक्त पाते हुए छोड़ दिया है। मन्नत पूरी करने के लिए किया था पूजन पुलिस के सामने आए विनोद डहरवाल और आनंद चौधरी ने बताया कि एक मित्र की बेटी ‘नीट’ परीक्षा की तैयारी कर रही है, जबकि दूसरे को संतान सुख की कामना थी। इसी उद्देश्य से उन्होंने गोपनीय पूजा का संकल्प लिया था। घटना के बाद मंदिर में आगजनी की खबर सुनकर वे घबरा गए थे, लेकिन पुलिस जांच में उन्होंने स्वेच्छा से पूरी सच्चाई बयान कर दी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस घटना में कोई भी आपराधिक आशय सिद्ध नहीं हुआ है। उपद्रव करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई गौरतलब है कि इस घटना को लेकर हिंदूवादी संगठनों और भाजपा नेताओं ने भारी आक्रोश व्यक्त किया था, जिसके चलते शुक्रवार को कटंगी बंद कराकर रास्ता जाम किया गया था। एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया- धार्मिक आस्था के नाम पर माहौल खराब करने और चक्काजाम करने वालों की वीडियोग्राफी की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर अनावश्यक उपद्रव करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
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