जबलपुर नगर निगम ने ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26’ के तहत शहर में ‘पतझड़ के पत्ते कचरा नहीं हैं’ अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य सूखे पत्तों को जलाने या फेंकने के बजाय उनसे जैविक खाद तैयार करना है। निगम अधिकारियों के अनुसार पतझड़ के मौसम में बड़ी मात्रा में गिरने वाले पत्तों का उपयोग उच्च गुणवत्ता वाली कम्पोस्ट खाद बनाने में किया जाएगा। यह खाद बाद में नागरिकों को पौधों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। पत्ते जलाने से बचने की अपील नगर निगम ने नागरिकों से सूखे पत्तों को न जलाने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि पत्ते जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है और पर्यावरण को नुकसान होता है। नागरिकों से कहा गया है कि वे सूखे पत्तों को अलग एकत्र करें और निगम की टीम को सौंपें। संग्रहण से जुड़ी जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 0761-2637503 जारी किया गया है। पांच स्थानों पर बनाए गए कम्पोस्ट प्लांट पत्तों के संग्रहण और खाद निर्माण के लिए गौरीघाट, बलदेवबाग, गढ़ा, गोरखपुर और अधारताल में पांच कम्पोस्ट प्लांट निर्धारित किए गए हैं। यह अभियान महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू और निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के निर्देश पर चलाया जा रहा है। इसका लक्ष्य शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाना है।
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