नीमच जिले के ग्राम डासिया में आदिवासी परिवार पर हुए हमले के विरोध में मंगलवार को श्री मोंगिया गौड़ आदिवासी समाज सेवा संगठन ने एसपी कार्यालय का घेराव किया। समाज के लोगों ने पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। खेत विवाद से शुरू हुआ मामला जानकारी के अनुसार, 26 फरवरी को प्रेमसिंह मोंगिया के खेत में हरे चने उखाड़ने का विरोध करने पर उनकी बेटी नीतू के साथ अभद्रता की गई। आरोप है कि इस दौरान जातिगत गाली-गलौज और मारपीट भी की गई। पीड़िता ने उसी दिन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप समाजजनों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी पुलिस ने ठोस कार्रवाई नहीं की, बल्कि पीड़िता पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। इससे आरोपियों के हौसले बढ़ गए। बताया गया कि 15 मार्च को आरोपियों ने फिर से लाठी-डंडों और हथियारों के साथ पीड़ित परिवार के घर पर हमला किया। इस हमले में नीतू, उनके पिता प्रेमसिंह और मां मोहिनीबाई गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस पर गंभीर धाराएं न लगाने का आरोप पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस ने मामले को सामान्य मारपीट के रूप में दर्ज किया और एससी-एसटी एक्ट की धाराएं नहीं लगाईं। साथ ही परिवार को लगातार धमकियां मिलने की बात भी सामने आई है। सात दिन में कार्रवाई न होने पर आंदोलन की दी चेतावनी समाज के प्रतिनिधियों ने किरण चौहान को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की गिरफ्तारी, संबंधित थाना प्रभारी के निलंबन और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों में कार्रवाई नहीं हुई, तो जिलेभर में उग्र आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन के बाद समाजजन जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों से भी मिले।
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