खरगोन में क्लिनिक में इलाज के बाद छात्रा की मौत:डॉक्टर अस्पताल में छोड़कर भागा; गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप

खरगोन में क्लिनिक में इलाज के बाद छात्रा की मौत:डॉक्टर अस्पताल में छोड़कर भागा; गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप




खरगोन के बिस्टान में एक निजी क्लिनिक में इलाज के दौरान 16 वर्षीय छात्रा आयुषी पटेल की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पीसी गुप्ता पर गलत इंजेक्शन और सलाइन लगाने का आरोप लगाया है। आरोप है कि छात्रा की हालत बिगड़ने पर डॉक्टर उसे खरगोन के एक निजी अस्पताल में छोड़कर भाग गया। मृतका के पिता गजराज पटेल ने बताया कि रविवार दोपहर को आयुषी को सर्दी-खांसी की शिकायत थी। वे उसे डॉ. पीसी गुप्ता के क्लिनिक पर इलाज के लिए ले गए थे। डॉक्टर ने आयुषी को सलाइन चढ़ाई। सलाइन चढ़ाने के कुछ देर बाद आयुषी को घबराहट और उल्टी होने लगी। उल्टी के बाद डॉक्टर ने उसे एक इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगने के लगभग दो मिनट बाद आयुषी की हालत गंभीर हो गई और उसका शरीर ढीला पड़ गया। आरोप- डॉक्टर अस्पताल में छोड़कर भाग गया
छात्रा की गंभीर हालत देखकर डॉक्टर ने उसे खरगोन ले जाने को कहा। परिजन उसे अपने निजी वाहन से खरगोन के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने आयुषी को मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर पीसी गुप्ता आयुषी को अस्पताल में छोड़कर भाग गया। गजराज पटेल की शिकायत पर बिस्टान थाने में निजी डॉक्टर पीसी गुप्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। प्रधान आरक्षक सतीशसिंह कुशवाहा ने बताया कि मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने कहा कि कथन और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एक दिन पहले आया था 9वीं का रिजल्ट
आयुषी का शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। छात्रा ने हाल ही में कक्षा 9वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी और शनिवार को ही उसका परिणाम आया था। घटना वाले दिन उसने मंदिर में प्रसाद भी चढ़ाया था। उसके पिता अपने पैर में खुजली के इलाज के लिए डॉक्टर के पास गए थे, और आयुषी भी उनके साथ गई थी।



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