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मध्य प्रदेश OBC आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा अपडेट दिया है. कोर्ट ने 87:13 फॉर्मूले को चुनौती देने वाले दो मामलों को रिकॉल कर लिया है. 13 प्रतिशत आरक्षण को होल्ड रखने पर अप्रैल के दूसरे हफ्ते में सुनवाई होगी. 54 याचिकाएं जबलपुर हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दी गई हैं. 27 प्रतिशत OBC आरक्षण की संवैधानिक वैधता पर अब हाईकोर्ट फैसला करेगा.
OBC आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने नई व्यवस्था दी है.
नई दिल्ली/जबलपुर. मध्य प्रदेश में OBC आरक्षण को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद अब नया मोड़ ले चुका है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने पुराने आदेश में संशोधन करते हुए OBC आरक्षण से जुड़े दो महत्वपूर्ण मामलों को रिकॉल कर लिया है. इनमें 87:13 फॉर्मूले को चुनौती देने वाली याचिका भी शामिल है. कोर्ट ने 13 प्रतिशत आरक्षण को होल्ड पर रखने के मामले में सुनवाई करने का फैसला किया है, जो अप्रैल के दूसरे हफ्ते में होगी. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने 54 अन्य याचिकाओं को जबलपुर हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया है. अब 27 प्रतिशत OBC आरक्षण की संवैधानिक वैधता पर जबलपुर हाईकोर्ट ही सुनवाई करेगा. बाकी 103 याचिकाओं पर भी हाईकोर्ट ही फैसला करेगा. यह फैसला राज्य की नौकरियों और शिक्षा संस्थानों में OBC आरक्षण को लेकर चल रही अनिश्चितता को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
यह विकास उन लाखों युवाओं और OBC समुदाय के लिए राहत भरा है जिनकी नियुक्ति और शिक्षा 87:13 फॉर्मूले के कारण लंबे समय से अटकी हुई थी. सुप्रीम कोर्ट ने पहले 27 प्रतिशत OBC आरक्षण पर रोक लगाई थी, जिसके कारण MPPSC और अन्य भर्ती एजेंसियां 87 प्रतिशत पदों पर ही नियुक्ति कर रही थीं. अब कोर्ट ने दो याचिकाओं को रिकॉल कर 13 प्रतिशत आरक्षण को होल्ड रखने के मामले पर अप्रैल के दूसरे हफ्ते में सुनवाई तय कर दी है. साथ ही 54 याचिकाओं को जबलपुर हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया गया है, जहां 27 प्रतिशत आरक्षण की संवैधानिक वैधता पर फैसला होगा. बाकी 103 याचिकाओं पर भी हाईकोर्ट सुनवाई करेगा. यह फैसला राज्य सरकार, भर्ती एजेंसियों और युवाओं के लिए बड़ी राहत है क्योंकि अब OBC आरक्षण का मुद्दा एक ही अदालत में तय हो जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट का संशोधन आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने OBC आरक्षण से जुड़े दो प्रमुख मामलों को रिकॉल कर लिया है. इनमें 87:13 फॉर्मूले को चुनौती देने वाली याचिका भी शामिल है. कोर्ट अब 13 प्रतिशत आरक्षण को होल्ड रखने के मामले पर सुनवाई करेगा.
87:13 फॉर्मूले पर सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट अप्रैल के दूसरे हफ्ते में 87:13 फॉर्मूले पर सुनवाई करेगा. इस फॉर्मूले के तहत 87 प्रतिशत पदों पर नियुक्ति हो रही थी जबकि 13 प्रतिशत पद होल्ड पर थे.
54 याचिकाएं जबलपुर HC ट्रांसफर
सुप्रीम कोर्ट ने 54 याचिकाओं को जबलपुर हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया है. इनमें 27 प्रतिशत OBC आरक्षण की संवैधानिक वैधता पर सुनवाई होगी.
बाकी 103 याचिकाओं पर HC सुनवाई
OBC आरक्षण से जुड़ी बाकी 103 याचिकाओं पर भी जबलपुर हाईकोर्ट सुनवाई करेगा. इससे पूरे मामले का एक ही अदालत में निपटारा हो जाएगा. इस फैसले से हजारों युवाओं की नियुक्ति प्रक्रिया तेज हो सकेगी. अब H C जल्द फैसला करेगा, जिससे OBC युवाओं को आरक्षण का लाभ मिल सकेगा.
OBC आरक्षण का पूरा विवाद
2019 में मध्य प्रदेश सरकार ने OBC आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर दिया था. इस पर कई याचिकाएं दायर हुईं. सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई थी. इसके बाद 87:13 फॉर्मूला अपनाया गया था.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें