Success Story. आज हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने पढ़ाई तो की लेकिन जल्दी शादी होने की वज़ह से आगे पढ़ाई नहीं कर पाईं. हालांकि, इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और मप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन स्व-सहायता समूह से जुड़कर आज अनेक तरह के फूड आयटम बना रही हैं. पापड़, दाल, दलिया से लेकर आंवला कैंडी बनाती हैं. जिससे उन्हें कमाई भी होती हैं.
गांव से निकलकर शहरों में बनाई पहचान
छतरपुर के लवकुश नगर के एक छोटे से गांव की रहने वाली भारती अहिरवार जिनके सपने तो बड़े थे लेकिन ग्रामीण परिवेश में होने के कारण वह अपनी आगे की पढ़ाई शहरों में जाकर नहीं कर सकीं. आगे की पढ़ाई तो नहीं हो सकी लेकिन शादी जरूर हो गई. ससुराल में पहुंचने के बाद पढ़ाई भी छूटी और सपने भी दूर होने लगे. ससुराल की घर-गृहस्थी में जीवन व्यतीत होने लगा. पहले किचन और घर की जिम्मेदारी थी, फिर बच्चे भी हो गए तो मां के तौर पर एक जिम्मेदारी ओर आ गई. कभी-कभी अकेले में सोचती थी कि भले ही मैं आगे की उच्च पढ़ाई नहीं पढ़ पाई लेकिन जो मैंने अभी तक सीखा है, इसे ही अपना हुनर बना लेती हूं.
भारती बताती हैं कि हमारे गांव में कुछ महिलाएं स्व-सहायता समूह से जुड़ रही थीं. मुझे भी जानकारी लगी कि इसमें जुड़ने से महिलाओं को ट्रेनिंग मिलती है. ट्रेनिंग करने के बाद खुद ही अपना बिजनेस कर सकते हैं. इसके बाद मप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर हमें ट्रेनिंग दी गई. ट्रेनिंग में तमाम तरह की चीज़ें बनाना सिखाया गया. खाने-पीने के आयटम ज्यादा थे. मायके से ससुराल में किचन ही संभाली थी तो ये काम आसान लगा.
भारती बताती हैं कि वह चना चटपटा पापड़, मूंग पापड़, मल्टीग्रेन आटा, कटिया गेहूं, रागी, मूंग दाल, मसूर दाल, अरहर दाल, महुआ, बाजरा नमकीन , आंवला कैंडी बनाती हैं.
ये हैं रेट
पापड़ 150 रुपए
रागी 100 रुपए किलो
महुआ 25 रुपए पाव
आंवला कैंडी 100 रुपए किलो
महुआ को बनाया ब्रांड
भारती बताती हैं कि वैसे तो हम पापड़ से लेकर दाल, आटा, आंवला,नमकीन बेचते हैं लेकिन ट्रेनिंग में हमें महुआ के बारे में बताया गया था कि ये लोकल का है इसे ब्रांड बनाकर बेचना है तो फिर इस पर अलग से काम किया. आज महुआ को हमने ब्रांड बना दिया है. पहले हमारे यहां के लोग सुबह से महुआ बीनते थे. लेकिन हमनें इसे अलग तरह से रिप्रेजेंट किया और आज 100 रुपए किलो बेच रहे हैं. जैसे आगरा का है पेठा ब्रांड इसलिए यह है छतरपुर का ब्रांड.
कलेक्टर ने की तारीफ
भारती बताती हैं कि हमारे खाने-पीने के सभी प्रोडक्ट को लोग खूब पसंद कर रहे हैं. कलेक्टर और विधायक भी हमारे प्रोडक्ट खरीदते हैं. छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने भी हमारे महुआ ब्रांड की तारीफ की थी.