सागर की एनसीसी कैडेट ने रचा इतिहास, 21-22 घंटे तक की तैयारी, RDC में प्रस्तुति से छाई विधि

सागर की एनसीसी कैडेट ने रचा इतिहास, 21-22 घंटे तक की तैयारी, RDC में प्रस्तुति से छाई विधि


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Sagar University News: NCC कैडेट विधि चौबे की सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, जुनून और संघर्ष है. इसकी तैयारी करने के लिए वह कई-कई दिन केवल दो से तीन घंटे की ही नींद ले पाती थीं. 21 से 22 घंटे तक वह डांस प्रैक्टिस, मीटिंग, खुद के काम और अन्य चीजें करती रहती थीं.

Sagar News: सागर सेंट्रल यूनिवर्सिटी की एनसीसी कैडेट विधि चौबे ने आरडीसी में ऑल इंडिया चौथी रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया है. वह यूनिवर्सिटी के इतिहास में RDC (Republic Day Camp) तक जाने वाली पहली कैडेट बनी हैं. इसके लिए उन्हें दिल्ली की मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित भी किया गया. दिल्ली में बुंदेली और छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य की प्रस्तुति देकर यह उपलब्धि हासिल की. लेकिन, उनकी इस सफलता के पीछे कड़ी मेहनत, जुनून और संघर्ष छिपा है. इसकी तैयारी करने के लिए कई-कई दिन वह केवल दो से तीन घंटे की ही नींद ले पाती थीं. 21 से 22 घंटे तक वह डांस प्रैक्टिस, मीटिंग, खुद के काम और अन्य चीज करती रहती थीं.

21 साल की विधि चौबे सागर के अहमदनगर की रहने वाली हैं. तीन भाई बहन में सबसे छोटी हैं. इन्हें अपनी बहन से कथक सीखने की प्रेरणा मिली थी और भाई से एनसीसी में आने की. इसके लिए उन्होंने 11 साल तक मेहनत की 2023 में एनसीसी ज्वॉइन किया. आरडीसी के लिए ट्राई किया. लेकिन, उसमें सफलता नहीं मिली. दूसरी बार में एनसीसी के सी सर्टिफिकेट से आरडीसी के लिए अप्लाई किया. फिर कई लेबल को पार करते हुए सागर से दिल्ली तक पहुंचीं. वहां उन्होंने कई तरह की चुनौतियां का सामना किया और अपने आप को पूरी तरह से इसमें झोंक दिया. आरडीसी में कल्चरल प्रोग्राम की प्रस्तुति दी, जहां उनकी मेहनत को खूब सराहा गया.

विधि ने ऐसे हासिल किया ये मुकाम
सागर की विधि चौबे ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को रिप्रेजेंट किया. 17 डायरेक्टरेट के माध्यम से हुए कंपटीशन में उन्होंने यह मुकाम हासिल किया. सबसे पहले इंटर बटालियन ग्रुप में कंपटीशन हुआ. इसके बाद इंटर ग्रुप भोपाल, इंटर ग्रुप स्पेशल में परफॉर्मेंस देने के बाद दिल्ली के लिए चयन हुआ था. यहां 2 महीने की कठिन ट्रेनिंग हुई. वहीं कोरियोग्राफी के लिए केवल 10 दिन का समय रहता था. इन दो महीने के दौरान प्रतिभागियों को 20 से 22 घंटे तक बिना सोए मेहनत करनी होती है, जो इन चुनौतियों का सामना कर लेता है, उसकी परफॉर्मेंस का परिणाम सबके सामने होता है. परफॉर्मेंस में सिंगिंग, डांसिंग, म्यूजिक अलग-अलग लोक नृत्य सब कुछ सीखना होता है.

फाइट करती गई और आगे बढ़ती गई विधि
एनसीसी की ऑफिसर लेफ्टिनेंट सुमन पटेल ने बताया, विधि सागर विश्वविद्यालय में बीए की स्टूडेंट हैं. इनका कल्चरल में आरडीसी के लिए सलेक्शन हुआ. इन्होंने अपना कल्चरल में बेस्ट दिया. स्टेप बाई स्टेप आगे बढ़ीं. पहले यूनिट में फाइट की और सिलेक्ट हुईं. फिर इंटर बटालियन में आपस में कंपटीशन हुआ. फिर फाइट करते हुए आगे निकलीं. बाद में इन्होंने अपना कंपटीशन फेस किया. ड्रिल और इंटरव्यू के माध्यम से अपने आप को रिप्रेजेंट किया. धीरे-धीरे अपने आप को आरडीसी तक लेकर गईं.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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