राज्यपाल मंगुभाई पटेल मंडला जिले के बिछिया ब्लॉक के कन्हारीकला में ‘मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना’ और स्वास्थ्य कैंप में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें आदिवासियों के विकास, स्वास्थ्य और कमाई के जरिए बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने इस दौर को जनजातीय विकास का “सुनहरा समय” बताया। कार्यक्रम के दौरान मंडला, डिंडौरी और बालाघाट जिलों के 94 बैगा परिवारों को दुधारू पशु (गाय-भैंस) बांटे गए। राज्यपाल ने ग्रामीणों को सलाह दी कि वे अच्छी नस्ल के पशु पालें और ज्यादा दूध उत्पादन कर अपनी आमदनी बढ़ाएं। उन्होंने पशुओं की सही देखभाल और साफ-सफाई पर भी जोर दिया ताकि पशुपालन कमाई का मजबूत जरिया बन सके। सिकल सेल एनीमिया की जांच पर जोर स्वास्थ्य के मुद्दे पर राज्यपाल ने सिकल सेल एनीमिया बीमारी को लेकर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि यह खानदानी बीमारी है, जिसकी समय पर जांच कराना बहुत जरूरी है। सरकार इसके लिए बड़े स्तर पर अभियान चला रही है और डिजिटल कार्ड बना रही है, जिससे इस बीमारी की पहचान और इलाज आसान हो जाएगा। उन्होंने कन्हारीकला के आंगनवाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य शिविर का भी बारीकी से निरीक्षण किया। प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद राज्यपाल ने कार्यक्रम में लगी कृषि, पशुपालन, आयुष विभाग और वन उत्पादों की प्रदर्शनियों का दौरा किया। उन्होंने स्कूल में ‘बेल सेरेमनी’ के साथ नए सत्र का शुभारंभ भी किया। इस दौरान बैगा आदिवासियों ने पारंपरिक नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी, जिसने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मंत्रियों ने कार्यक्रम के दौरान कई सरकारी योजनाओं के तहत लोगों को मदद और सर्टिफिकेट बांटे। मुख्यमंत्री दुधारू पशु योजना के तहत जयंती बाई और बसंती कुकरिया को प्रमाण पत्र दिए गए, जिससे उन्हें रोजगार में मदद मिलेगी। लाखों का चेक और स्वास्थ्य कार्ड का वितरण पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत सचिन बाजपेयी को 11 लाख 40 हजार रुपए का बड़ा चेक सौंपा गया। स्वास्थ्य के क्षेत्र में अर्चना यादव को सिकल सेल कार्ड और मंगलवती भारतीय को टीबी के इलाज के लिए फूड बास्केट दी गई। इसके अलावा अभिलाषा धुर्वे को एचवीपी सर्टिफिकेट और प्रेम सिंह पन्द्रे को लकड़ी (वन काष्ठ) का लाभांश सौंपा गया। सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ इन योजनाओं के जरिए सरकार का मकसद पशुपालकों और बीमार लोगों को सीधी आर्थिक और स्वास्थ्य सहायता पहुंचाना है। राज्यपाल ने खुद अपने हाथों से ये लाभ सौंपकर हितग्राहियों का उत्साह बढ़ाया। मंत्रियों ने दी योजनाओं की जानकारी कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके ने लोगों से अपील की कि वे स्वास्थ्य कैंप का पूरा लाभ उठाएं। वहीं, राज्यमंत्री लखन पटेल ने पशुओं के टीकाकरण और बीमा कराने की सलाह दी ताकि किसानों को किसी भी नुकसान से बचाया जा सके।
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