हनुमान जयंती पर रणजीत सरकार से भक्तों ने माफी मांगी! केसरिया महल रूप में सजा मंदिर

हनुमान जयंती पर रणजीत सरकार से भक्तों ने माफी मांगी! केसरिया महल रूप में सजा मंदिर


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Hanuman Jayanti: हनुमान जयंती के लिए इंदौर के रणजीत हनुमान मंदिर को विशेष रूप से देश-विदेश से मंगाए गए गुलाब, मोगरा, डेजी के क्विंटल फूलों से सजाया गया है. दरबार को एक भव्य बंगले का स्वरूप देकर उसमें केसरिया और पीले फूल लगाए गए हैं.

Indore News: इंदौर के ऐतिहासिक और सुप्रसिद्ध रणजीत हनुमान मंदिर में आज हनुमान जयंती का पर्व बेहद हर्षोल्लास और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है. हर बार की तरह इस बार बाबा का दिव्य श्रृंगार किया गया है‍, जबकि पूरे मंदिर को भव्य केसरिया महल रूप में सजाया गया है. यहां हनुमान जयंती पर मान्यता है कि लोग यहां आकर भगवान से माफी मांगते हैं.

हनुमान जयंती के लिए विशेष रूप से देश-विदेश से मंगाए गए गुलाब, मोगरा, डेजी के क्विंटल फूलों मंदिर को सजाया गया है. दरबार को एक भव्य बंगले का स्वरूप देकर उसमें केसरिया और पीले फूल लगाए गए हैं. हनुमान जयंती के मौके पर सुबह विशेष आरती के साथ ही मंदिर को भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिया गया था.

दर्शन की अलग व्यवस्था रही
क्योंकि, इस बार रणजीत लोक का कार्य चल रहा है, इसलिए दर्शन की व्यवस्था भी बड़ी पार्किंग की तरफ से की गई है. पूरे मंदिर में प्रांगण सहित करीब 40 कूलर लगाए गए हैं. गर्मी को देखते हुए भक्तों के लिए शरबत की व्यवस्था भी की गई है. दर्शन व्यवस्था को इस तरह से रखा गया कि भक्तजन दर्शन करने आते वक्त जब बाहर की तरफ जाएंगे तो उन्हें प्रसादी भी मिल जाएगी.

क्या है माफीनामा परंपरा?
रंजीत हनुमान मंदिर विश्व का एकलौता मंदिर है, जहां भगवान के एक हाथ में दल और दूसरे हाथ में तलवार है. जबकि, पैर अहिरावण पर है‌ं. हनुमान जयंती पर लोग विशेष रूप से यहां आकर माफी मांगते हैं. खास वह लोग जिनके यहां कोर्ट-कचहरी में कोई केस चल रहा हो, भक्त मंदिर में आकर सिंदूर, मीठा पान और चोला चढ़ाते हैं. साथ ही मंत्र का जाप कर क्षमा मांगते हैं. इस परंपरा को माफीनामा कहा जाता है.
भगवान रणजीत को युद्ध का देवता माना जाता है.

एक और मान्यता
मान्यता है कि भगवान रणजीत सरकार का आशीर्वाद लेकर किसी भी कार्य को करने जाओ तो उसमें जरूर सफलता हासिल होती है. होलकर साम्राज्य के समय राजा भी भगवान रंजीत के दर्शन करने के बाद युद्ध में जाते थे.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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