देवास जिले में नरवाई (फसलों के अवशेष) जलाने पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए विभिन्न थाना क्षेत्रों में अब तक 5 से अधिक किसानों पर प्रकरण दर्ज किए हैं। हाल ही में टोंकखुर्द विकासखंड के ग्राम देवली में 0.20 हेक्टेयर रकबे में नरवाई जलाने पर किसान अखिलेश के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और राज्य शासन के निर्देशों के उल्लंघन में की गई है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने चेतावनी दी है कि नरवाई जलाते पाए जाने पर 2,500 से 15,000 रुपये तक का अर्थदंड और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसे रोकने के लिए टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं। कृषि और राजस्व विभाग की टीम ने पकड़ा मामला कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण किया था। इस दौरान ग्राम देवली में 0.20 हेक्टेयर रकबे में नरवाई जली हुई पाई गई। राजस्व अभिलेखों के अनुसार, यह जमीन किसान अखिलेश (पिता सजन सिंह खाती) के नाम दर्ज है। प्रशासन ने तत्काल एक्शन लेते हुए प्रकरण तैयार किया। BNS की धारा 223(a) के तहत केस दर्ज कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी के निषेधात्मक आदेशों और NGT के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर यह कार्रवाई की गई है। कृषि विस्तार अधिकारी टोंकखुर्द के प्रतिवेदन पर पुलिस थाना टोंकखुर्द ने किसान अखिलेश के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 223(a) के तहत मामला दर्ज किया है। मिट्टी की उर्वरता होती है नष्ट, भ्रमण कर रहीं टीमें कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में नरवाई जलाना पूर्णतः प्रतिबंधित है। नियम तोड़ने पर 2,500 रुपये से 15,000 रुपये तक का अर्थदंड लगाया जाएगा। जिला प्रशासन के अनुसार, फसलों के अवशेष जलाना पर्यावरण के लिए हानिकारक है और इससे मिट्टी की उर्वरक शक्ति भी नष्ट होती है। इसे रोकने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें लगातार क्षेत्रों का भ्रमण कर रही हैं।
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