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Readymade Garment Business Success Story: बुरहानपुर के एक युवक ने 8 साल तक नौकरी करने के बाद खुद का बिजनेस शुरू कर सफलता हासिल की है. मुजाहिद खान ने 5 लाख रुपये उधार लेकर रेडीमेड कपड़ों की दुकान खोली और आज लाखों की कमाई कर रहे हैं. उनकी दुकान पर सस्ते दाम में अच्छी क्वालिटी के कपड़े मिलने से ग्राहक लगातार बढ़ रहे हैं. उन्होंने न सिर्फ खुद को आत्मनिर्भर बनाया बल्कि 4 लोगों को रोजगार भी दिया है. जानिए कैसे मेहनत और सही आइडिया से एक साधारण युवक ने अपनी किस्मत बदल दी.
Business Success Story: बुरहानपुर के मुजाहिद खान की कहानी उन युवाओं के लिए मिसाल है, जो कुछ बड़ा करना चाहते हैं लेकिन शुरुआत करने से डरते हैं. मुजाहिद ने करीब 8 साल तक दूसरों की कपड़ों की दुकान पर काम किया. वहीं से उन्हें समझ आया कि इस काम में कितना स्कोप है और यहीं से उनके मन में खुद का बिजनेस शुरू करने का ख्याल आया.
उधार लेकर शुरू किया कारोबार
मुजाहिद बताते हैं कि उन्होंने अपने भाई-बहनों से करीब 5 लाख रुपये उधार लिए और थोड़ा लोन लेकर रेडीमेड कपड़ों की दुकान शुरू की. शुरुआत आसान नहीं थी, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. आज उनकी “बाबा ड्रेसेस” के नाम से दुकान गुजराती समाज मार्केट में अच्छी चल रही है और ग्राहक भी लगातार बढ़ रहे हैं.
दिल्ली-मुंबई से लाते हैं माल
मुजाहिद खुद दिल्ली और मुंबई से कपड़े खरीदकर लाते हैं और यहां ग्राहकों को सस्ते दाम में उपलब्ध कराते हैं. उनकी दुकान पर 300 रुपये से लेकर अच्छी क्वालिटी की शर्ट-पैंट मिल जाती है. कम दाम और अच्छी क्वालिटी की वजह से उनकी दुकान पर ग्राहकों की अच्छी भीड़ रहती है.
आज दूसरों को दे रहे रोजगार
जो युवक कभी खुद नौकरी करता था, आज वही 4 लोगों को रोजगार दे रहा है. मुजाहिद कहते हैं कि अगर मेहनत और सही सोच हो, तो छोटा काम भी बड़ा बन सकता है. उनकी सालाना कमाई 4 से 5 लाख रुपये तक पहुंच गई है, जो लगातार बढ़ रही है.
पढ़ाई कम, हौसला बड़ा
मुजाहिद सिर्फ 8वीं तक पढ़े हैं, लेकिन उन्होंने यह साबित कर दिया कि सफलता के लिए डिग्री नहीं, बल्कि मेहनत और लगन जरूरी है. उनकी कहानी हर उस युवक के लिए प्रेरणा है, जो कम पढ़ाई या कम संसाधनों के कारण खुद को पीछे मान लेता है.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें