बीजेपी विधायक कलेक्ट्रट में सीढ़ियों पर बैठे: रतलाम कलेक्टर नहीं आए तो बोले- मुर्दाबाद का नारा भी लगाना आता है; सरकार का विरोध नहीं – Ratlam News

बीजेपी विधायक कलेक्ट्रट में सीढ़ियों पर बैठे:  रतलाम कलेक्टर नहीं आए तो बोले- मुर्दाबाद का नारा भी लगाना आता है; सरकार का विरोध नहीं – Ratlam News




उज्जैन से जावरा तक ग्रीन फील्ड परियोजना में आलोट विधानसभा के 8 गांव आ रहे हैं, लेकिन मुआवजा राशि बहुत कम दी जा रही है। विरोध में प्रभावित ग्रामीण शनिवार दोपहर आलोट विधायक चिंतामणी मालवीय के साथ रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह से मिलने पहुंचे। विधायक ग्रामीणों के साथ कलेक्ट्रेट की सीढ़ियों पर बैठ गए। उनके साथ जिला पंचायत अध्यक्ष पति शंभुलाल मालवीय, भारतीय किसान संघ जिलाध्यक्ष ललीत पालीवाल आदि सीढ़ियों पर बैठे। 15 मिनट बाद कलेक्टर अपने चैंबर से निकल कर मिलने आई। 8 गांवों के लोग पहुंचे
विधायक के आने के पहले बड़ी संख्या में आलोट विधानसभा के 8 गांवों के ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। नीचे जमीन पर बैठ गए। साथ में महिलाएं भी आई। कुछ देर बाद विधायक मालवीय आए। वह भी ग्रामीणों के समक्ष कलेक्ट्रेट की सीढ़ियों पर बैठ गए। अधिकारी को विधायक बुलाने आए
जावरा एसडीएम सुनील जायसवाल व ग्रामीण एसडीएम विवेक सोनकर विधायक के पास आए। चैंबर में कलेक्टर से मिलने को कहा। विधायक ने जाने से मना कर दिया। कहा कलेक्टर को जनता के सामने आना चाहिए। तब अधिकारी लौट गए। वापस अधिकारी विधायक को बुलाने आए। तब विधायक ने साफ कहा कि कलेक्टर आ रही है या नहीं, अभी सब शांति से बैठे है। नहीं तो दूसरा रूप देना आता है। बोले- अभी जिंदाबाद बोल रहे, मुर्दाबाद भी बोलना आता है
बीजेपी विधायक ने अधिकारियों को यहां तक कहा कि अभी जिंदाबाद बोल रहे है, नहीं तो मुर्दाबाद भी बोलना आता है। आखिरकार 15 मिनट बाद कलेक्टर अपने चैंबर से आई। तब विधायक ने ग्रामीणों की तरफ से सारी बात रखी। मुलाकात के बाद गए चैंबर में
कलेक्टर से बाहर मुलाकात के बात कलेक्टर ने विधायक को चैंबल में चलने को कहा। कुछ देर बाहर रुकने के बाद विधायक कुछ ग्रामीणों के साथ कलेक्टर से चैंबर में जाकर मुलाकात की। 10 मिनट में चर्चा के बाद लौटे। विधायक बोले सरकार नहीं प्रशासन का विरोध
विधायक मालवीय ने कहा कि लंबे समय से किसानों की बड़ी समस्या है। उज्जैन जावरा जो रोड बन रहा है। उसमें किसानों की जमीन जा रही है। अभी कई किसान है जिनकी जमीन पूरी तरह से खत्म हो गई है। विकास में हम साथ में है। आलोट विधानसभा के 8 गांव है जिनका मुआवजा बहुत कम है। यह जो गांव है 8 लेन व दिल्ली मुबंई कॉरिडोर से जुड़े है। उसके बावजूद भी मुआवजा ढाई लाख रुपए तक बीघा है। जबकि जमीन करोड़ों रुपए बीघा है। लेने जाएंगे तो 80 लाख से डेढ़ करोड़ रुपए बीघा से कम की जमीन नहीं है। ऐसे में हमारा जो किसान हैृ बर्बाद हो जाएगा। हमारी मांग है जो बाजार मूल्य से रजिस्ट्री है उस बाजार मूल्य की रजिस्ट्री के आधार पर पैसा मिलना चाहिए। जिसका प्रावधान भी है। कलेक्टर ने कहा अध्ययन करेंगे। जब विधायक से पूछा कि आप तो सरकार के खिलाफ विरोध पर बैठे गए तो उनका कनहा था कि सरकार से विरोध नहीं है प्रशासन से विरोध है। सरकार चल रही है तो इसका मतलब यह नहीं है कि किसानों की बात नहीं रखी जाए। गूंगे-बहरे होना नेतृत्व का काम नहीं है। हम अपनी और किसानों की बात पूरी तरह से रखेंगे। सीएम से इस विषय पर कोई बात नहीं हुई है। सीएम से प्रशासन अपने चैनल से बात करेगा। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष ललीत पालीवाल ने बताया जावरा- उज्जैन ग्रीन फील्ड योजना में रोड जो बन रहा है, उसका मुआवजा किसानों को बहुत कम मिल रहा है। जो गाइड लाइन है वह 2 लाख 20 हजार रुपए प्रति बीघा है। लेकिन आज का जो भाव है हम उससे हमारी जमीन देना चाहते है। कलेक्टर ने कहा कि 8 गांव में कलस्टर बनाएंगे। मूल्यों को देखते हुए अधिक से अधिक किसानों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। यह रखी मांगे



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