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चेन्नई सुपर किंग्स को इंडियन प्रीमियर लीग के इस सीजन में शुरुआती तीन मैच में हार का सामना करना पड़ा है. टीम के मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से मिली हार के बाद इम्पैक्ट प्लेयर के नियम पर बात की. उन्होंने कहा, इतने ज्यादा रन बनने के पीछे यही नियम है. बल्लेबाज बिना डरे खेलते हैं और यह गेंदबाजों के लिए मुश्किल होता जा रहा है.
चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने माना कि गेंदबाजों ने डेथ ओवर्स में अच्छी गेंदबाजी नहीं की
नई दिल्ली. चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने माना कि गेंदबाजों ने डेथ ओवर्स में अच्छी गेंदबाजी नहीं की. उन्होंने बल्लेबाजी के अनुकूल हालात और इम्पैक्ट प्लेयर नियम को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया. खराब बॉलिंग का फायदा उठाते हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने बोर्ड पर 250/3 का स्कोर लगा दिया. फ्लेमिंग ने कहा कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम के कारण बल्लेबाज बिना डर के खेल रहे हैं. गेंदबाजों के लिए ऐसे हालात में प्रदर्शन करना मुश्किल हो गया है.
उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा,”आपको कोई डर नहीं है क्योंकि आपके पास एक अतिरिक्त खिलाड़ी है. इससे खिलाड़ियों में यह सोच आ गई है कि वे किसी भी चीज का सामना कर सकते हैं. जब हालात इतने अच्छे हों और गेंदबाजों को कोई मदद न मिले, तो ऐसे छोटे-छोटे धमाकेदार प्रदर्शन देखने को मिलेंगे.”
फ्लेमिंग ने सवाल उठाया कि क्या आईपीएल फॉर्मेट में अब ऑलराउंडर्स के लिए जगह बची है. उन्हें लगता है कि बल्ले और गेंद के बीच संतुलन थोड़ा बिगड़ गया है. यह खेल अब तेज बल्लेबाजों के लिए बन गया है. उन्होंने यह भी पूछा कि क्या इम्पैक्ट प्लेयर की भूमिका आगे भी रहेगी या आने वाले सीजन में इसे हटा दिया जाएगा. उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि यह नियम कितने समय तक रहेगा या हमेशा के लिए रहेगा. इससे क्रिकेट की डाइनामिक बदल जाती है और शायद यह बल्लेबाजी की ताकत को थोड़ा ज्यादा बढ़ा देता है.”
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