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Kisan tips : ककड़ी आमतौर पर स्वाद कड़वा हो जाता है. इसके पीछे की एक रसायन है, जिसका नाम कुकरबिटेसीन. अगर पौधे में या फिर ककड़ी में इसकी मात्रा ज्यादा हो जाती है, तो ककड़ी के स्वाद में कड़वापन आ जाता है. वहीं, वेजिटेटिव पार्ट में भी इसकी मात्रा बढ़ जाती है, जिससे फल भी कड़वा सा हो जाता है. लेकिन इससे बचा जा सकता है लेकिन कैसे.
Kisan tips : गर्मियों में भारी डिमांड की वजह से किसान भाई अपने खेतों में ककड़ी की खेती करते हैं. गर्मियों में आमतौर पर लोग पानी की कमी को पूरा करने के लिए ककड़ी का सेवन करते हैं. वहीं, शादियों के सीजन में भी सलाद में इसका उपयोग भरपूर होता है. लेकिन किसान भाई अक्सर परेशान रहते हैं कि उनकी ककड़ी में कड़वापन है. ऐसे में जब किसान भाई मंडी में अपनी उपज लेकर जाते हैं, तो किसान भाई की ककड़ी गुणवत्ता के आधार पर उसे पैसे कम मिलते हैं. लेकिन इससे बचा जा सकता है. इसके लिए लोकल 18 बालाघाट उद्यानिकी विभाग की लेषा सुल्खे से बातचीत की, जानिए उन्होंने किसान भाइयों को क्या सलाह दी है.
सबसे पहले जानिए क्यों हो जाती है कड़वी ककड़ी
ककड़ी आमतौर पर स्वाद कड़वा हो जाता है. इसके पीछे की एक रसायन है, जिसका नाम कुकरबिटेसीन. अगर पौधे में या फिर ककड़ी में इसकी मात्रा ज्यादा हो जाती है, तो ककड़ी के स्वाद में कड़वापन आ जाता है. वहीं, वेजिटेटिव पार्ट में भी इसकी मात्रा बढ़ जाती है, जिससे फल भी कड़वा सा हो जाता है. लेकिन इससे बचा जा सकता है लेकिन कैसे. इसके लिए उद्यानिकी विशेषज्ञ लेषा सुल्खे ने टिप्स बताए हैं.
पौधे लगाने की दूरी तय होककड़ी में बेले कम लगती है. ऐसे में इसकी दूरी 1.5 मीटर कतार की दूरी और 30 से 45 सेमी पौधे की दूरी पर लगाया जा सकता है. वहीं, बेला चढ़ाने की प्रक्रिया को समय पर ध्यान से करना चाहिए.
समय पर ट्रेनिंग प्रूनिंग होकुकुर बिटेसिन नाम का केमिकल बेलों और पत्तियों में पाया जाता है, जिसकी मौजूदगी की वजह से यह रसायन ककड़ी तक पहुंच जाता है. ऐसे में किसान भाइयों को समय-समय पर कटाई-छटाई यानी ट्रेनिंग और प्रूनिंग करनी चाहिए.
समय पर सिंचाई करेंगर्मियों में तापमान ज्यादा होने की वजह से भूमि जल्दी सुख जाती है. ऐसे में पांच से सात दिनों के अंतराल में सिंचाई करनी चाहिए. फूल और फल बनते समय किसान भाई सिंचाई पर खास ध्यान रखना चाहिए. इस समय नमी की कमी से भी फल कड़वा हो सकता है.
अच्छी किस्मों का चयन करेंकिसान भाई अच्छी किस्मों का चयन करें ताकी उपज कड़वी न हो. इसके लिए आप पूसा बरखा, अर्का शीतल जैसी किस्मों का चयन करें.
पोषक तत्वों का रखें ध्यानकिसान भाइयों को फसल के लिए पोषक तत्वों पर ध्यान देना चाहिए. दरअसल, उनके ज्यादा होने या कम होने से इस तरह का प्रभाव पड़ सकता है.
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7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें