इंदौर निगम में वंदे मातरम् विवाद पर गरमाई सियासत: महापौर पुष्यमित्र भार्गव बोले- कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का रुख बेहद आपत्तिजनक है – Indore News

इंदौर निगम में वंदे मातरम् विवाद पर गरमाई सियासत:  महापौर पुष्यमित्र भार्गव बोले- कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का रुख बेहद आपत्तिजनक है – Indore News




इंदौर नगर निगम के बजट सत्र में महिला कांग्रेस पार्षदों द्वारा वंदे मातरम् नहीं गाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने रविवार को इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के रुख को घोर आपत्तिजनक बताया। साथ ही उन्होंने बताया कि नगर निगम के डिजिटल बजट की कॉपी सीएम डॉ. मोहन यादव को सौंपी गई है और स्मार्ट सिटी के नक्शे की फीस में राहत को लेकर भी चर्चा हुई है। दरअसल, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने शनिवार को इंदौर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उनके बयान पर महापौर ने सवाल उठाए। मीडिया से बातचीत में भार्गव ने कहा कि बजट सत्र के दौरान दोनों महिला पार्षदों ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का अपमान किया, जिस पर विवाद खड़ा हुआ। इस मुद्दे पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का रुख बेहद आपत्तिजनक है। महापौर ने कहा कि दोनों पार्षदों ने अलग-अलग समय पर मीडिया में अपने बयान दिए, इसके बावजूद कांग्रेस की अनुशासन समिति क्या जांच करेगी, यह वही बता सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में न तो कोई गंभीर कार्रवाई हुई और न ही स्थिति स्पष्ट की गई। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि उनके कार्यालयों में वंदे मातरम् गाया जाता है या नहीं। यदि गाया जाता है, तो जो लोग इसे नहीं गाते, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होती है। यह भी सार्वजनिक होना चाहिए। महापौर बोले- पटवारी को ऐसी बातें शोभा नहीं देती महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने पीसीसी चीफ जीतू पटवारी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पटवारी ने जिस तरह “ईमानदार लोग हाथ उठाएं, हम भ्रष्टाचार साबित करेंगे” जैसी चुनौती दी, वह बेहद अजीब और अनुचित है। यदि किसी पर भ्रष्टाचार का आरोप है, तो उसे तथ्यों के साथ सार्वजनिक करना चाहिए। ईमानदारी को इस तरह चुनौती देने की परंपरा कब शुरू हुई, यह समझ से परे है। महापौर ने यह भी कहा कि जिन पर खुद भ्रष्टाचार के आरोप रहे और जिन्हें जनता ने नकार दिया, उन्हें इस तरह के बयान देना शोभा नहीं देता। स्मार्ट सिटी नक्शे की फीस में राहत की मांग महापौर ने बताया कि नगर निगम के डिजिटल बजट की कॉपी सीएम डॉ. मोहन यादव को सौंपी गई है। इस दौरान शहर से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। खासतौर पर स्मार्ट सिटी के एरिया बेस डेवलपमेंट में नक्शा पास कराने की फीस को लेकर चिंता जताई गई। उन्होंने कहा कि मौजूदा फीस आम लोगों पर काफी भारी पड़ रही है, छोटे प्लॉट पर भी 4-5 गुना ज्यादा शुल्क के कारण नक्शा पास कराना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने सीएम और नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव से अनुरोध किया है कि स्मार्ट सिटी या एरिया बेस डेवलपमेंट क्षेत्र में भी सामान्य दरों पर ही नक्शे की फीस लागू की जाए। इसके अलावा जलूद में तैयार सोलर प्लांट के लोकार्पण के लिए भी सीएम को आमंत्रित किया गया है।



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