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- There Was An Ongoing Tussle Between The Family To Collect The Bill; Police Is Investigating Mobile Phone Details
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छतरपुरएक घंटा पहले
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मातगुवां कस्बे में किसान ने की थी आत्महत्या (फाइल फोटो)।
मातगुवां कस्बे में किसान के सुसाइड मामले में पुलिस मुनेंद्र के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है। इधर, पता चला है कि परिवार में बिजली बिल भरने को लेकर खींचतान भी चल रही थी। मातगुवां थाने के एसओ कमलजीत सिंह ने बताया, मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
एक-दूसरे पर टाल रहे थे
बिजली कंपनी के छतरपुर संभाग के कार्यपालन अभियंता आरके पाठक ने बताया, परिवार के लोग एक-दूसरे से बिल भरने के लिए कह रहे थे, लेकिन बिल कोई जमा नहीं कर रहा था। बिजली कंपनी ने कई मौके दिए फिर भी बिल जमा नहीं किया गया। मुनेंद्र के पिता भी सेवानिवृत्त बिजली कर्मचारी हैं। भाई लोकेंद्र राजपूत भी बिजली कंपनी में ही संविदा पर कार्यरत है।
पिता ने बिल जमा करने दिए थे पैसे
सूत्रों के मुताबिक मुनेंद्र के परिवार में बंटवारा नहीं हुआ था। जमीन पिता के नाम ही थी। मुनेंद्र का एक 12 वर्ष का बेटा भी है। गांव में चर्चा है कि मृतक के पिता ने बिजली का बिल भरने के लिए उसे पहले भी रुपए दिए थे, लेकिन बिल जमा नहीं किया गया। इसके बाद अब परिवार फसल आने पर बिल जमा करने का विचार बनाए था। इसके पहले कुर्की की कार्रवाई हो गई। किसान के ऊपर 50 हजार रुपए बिल व 38 हजार रुपए सरचार्ज इस तरह कुल 88 रुपए बिजली बिल बकाया था।