इंदौर के इंदौर के खजराना इलाके स्थित रोबोट चौराहे पर ट्रैफिक ड्यूटी के दौरान एसआई और बस एजेंसी संचालक के बीच विवाद हो गया। बस खड़ी कर सवारी भरने को लेकर शुरू हुई बहस ने तूल पकड़ लिया। एजेंसी संचालक ने एसआई पर पैसे मांगने का आरोप लगाया, जबकि एसआई ने उल्टा उन पर अभद्रता और धक्का-मुक्की का आरोप लगाया। पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक एसआई सुरेंद्र सिंह ने शिवानी ट्रेवल्स की बस को रोबोट चौराहे पर सवारी भरते समय रोका। इसी बात को लेकर एजेंसी संचालक सुनील चौहान (निवासी मेघदूत नगर) से उनकी बहस हो गई। मौके पर सुनील का भतीजा यशराज भी मौजूद था। देखते ही देखते दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और आसपास लोग इकट्ठा हो गए। VIDEO में धक्का-मुक्की के आरोप घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि एसआई सुरेंद्र सिंह ही पहले धक्का-मुक्की करते नजर आए। वहीं एसआई ने आरोप लगाया कि सुनील चौहान ने भीड़ के साथ मिलकर कॉलर पकड़ ली। इस दौरान एसआई ने खुद भी मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया और लोगों को चेतावनी देते दिखे। डायल-112 बुलाकर दोनों को थाने ले गए विवाद बढ़ने पर एसआई ने खजराना थाने पर सूचना दी और डायल-112 बुलाया। इसके बाद सुनील चौहान और उनके भतीजे को जबरन थाने ले जाया गया। देर रात पुलिस ने एसआई की शिकायत पर दोनों को थाने में बैठा लिया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि उसी स्थान पर अन्य ट्रेवल्स की बसें भी रुकती हैं, लेकिन उन पर कभी कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने एसआई पर कुछ बस संचालकों से सांठगांठ के आरोप भी लगाए हैं। ट्रैफिक ड्यूटी को लेकर पहले भी उठे सवाल सूत्रों के मुताबिक शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक ड्यूटी “ठेके” के आधार पर लगाने के आरोप पहले भी लग चुके हैं। इसे लेकर विभाग पर सवाल उठते रहे हैं और कई शिकायतें पुलिस कमिश्नर तक पहुंच चुकी हैं। हालांकि वरिष्ठ अफसर हमेशा नियमपूर्वक ही ड्यूटी लगाने की बात करते आए हैं। हाल ही में लवकुश चौराहे से ट्रैफिक चौकी हटाई गई थी, जबकि अन्नपूर्णा क्षेत्र में भी लेनदेन के आरोप में दो पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो चुकी है। हालांकि बाद में उन्हें बहाल कर वहीं तैनात कर दिया गया था।
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