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Indore Railway Bridge: इंदौर में केसरबाग रोड पर रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाली जाम से अब हर किसी को मुक्ति मिलने वाली है. क्योंकि यहां पर ओवर ब्रिज बनाने के लिए टेंडर हो चुका है. जाम से छुटकारा दिलाने के लिए कुल 30 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे.
Indore News: इंदौर में केसरबाग रोड पर लगने वाला रेलवे क्रॉसिंग का जाम हर किसी को परेशान करता है. इंदौर शहर में इकलौता रेलवे क्रॉसिंग है, जिस पर ROB (रोड ओवर ब्रिज) नहीं बना है. लेकिन अब जल्द ही यहां पर लगने वाले जाम से छुटकारा मिल जाएगा, क्योंकि करीब 30 करोड़ की लागत से यहां 740 मीटर लंबा ROB बन रहा है.
फिलहाल यहां दिन भर में 28 से ज्यादा रेल गाड़ियां निकलती हैं, जिस वजह से हर 15 से 20 मिनट में रेलवे क्रॉसिंग का फाटक बंद करना पड़ता है. फाटक बंद होते ही यहां दोनों ओर आधा किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है. सड़क मार्ग संकरा होने की वजह से दोनों ओर से जब वाहन क्रॉस करते हैं, तो आवाजाही में भी परेशानी होती है. फाटक गिरने के बाद लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है.
दो लेन का होगा ओवरब्रिज
केसरबाग रोड स्थित इस रेलवे क्रॉसिंग पर बनने वाला यह रेलवे ओवरब्रिज दो लेन का होगा, जिसकी चौड़ाई 10.50 मीटर रखी जाएगी. ओवरब्रिज विट्ठल गार्डन से शुरू होकर माला गार्डन तक जाएगा, जिसकी लंबाई करीब 740 मीटर है. यह रास्ता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एबी रोड को सीधे महु नाका और राजवाड़ा क्षेत्रों से जोड़ता है.
ओवर ब्रिज बनने से हमेशा के लिए खत्म होगी समस्या
स्थानीय पार्षद योगेश गेंदर ने बताया कि यहां पर रोजाना रेलवे फाटक की वजह से करीब 50 हजार लोगों का 4 घंटे समय खराब होता है. सुबह और शाम के समय सबसे ज्यादा दिक्कत लोगों को होती है, जिससे उनकी दिनचर्या प्रभावित होती है. जब भी फाटक गिरता है तो यह करीब 15 मिनट के लिए बंद होता है. ऐसे में दिन भर में यह 28 बार बंद होता है. रेलवे ओवर ब्रिज बन जाने से यह समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी.
वैकल्पिक मार्ग है सबसे बड़ी समस्या
कैसरबाग ब्रिज के निर्माण में वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था बड़ी बाधा बनकर सामने आ रही है इसका निर्माण रेलवे करने वाला है, जिसके लिए टेंडर भी हो चुके हैं. कंपनी भी काम करने के लिए तैयार है. लेकिन प्रशासन का कहना है कि वैकल्पिक मार्ग पहले बताया जाए. उसके बाद ही केसरबाग क्रॉसिंग को बंद किया जा सकता है. अगर काम शुरू होता है तो यह मार्ग बंद होगा. ऐसे में यहां से निकलने वाले ट्रैफिक को कैसे मैनेज किया जाएगा?
पार्षद ने लोकल 18 से बातचीत के दौरान बताया कि वो इसे लेकर सांसद शंकर लालवानी से संपर्क में है. निर्माण करने वाली कंपनी ने भी सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं. वैकल्पिक मार्क के रूप में मानिक बाग से गुजरने वाला ब्रिज, केसरबाग के पीछे अन्नपूर्णा रोड से होते हुए चाणक्यपुरी जाने वाला रास्ता भी वैकल्पिक मार्ग का काम कर सकता है. अब जल्दी काम शुरू हो जाएगा. सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो 18 महीने में कैसरबाग रेलवे ओवरब्रिज बनकर तैयार हो जाएगा और लोगों को जाम से मुक्ति मिल जाएगी.