दमोह जिले के कांटी गांव में रविवार शाम खेत में बनी एक झोपड़ी में आग लगने से 42 वर्षीय मजदूर जीवन विश्वकर्मा की मौत हो गई। घटना के समय वह झोपड़ी के भीतर सो रहा था। आग की लपटों में बुरी तरह घिरने के कारण वह गंभीर रूप से झुलस गया था, जिसने जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। खेत पर बनी झोपड़ी में सो रहे थे मृतक जीवन विश्वकर्मा गांव के ही गोलू पटेल के खेत पर मजदूरी करने गया था। शाम के समय दोनों खेत पर बनी झोपड़ी में सो रहे थे, तभी अचानक अज्ञात कारणों से आग लग गई। गोलू पटेल झोपड़ी से सुरक्षित बाहर निकल गया और उसने परिजनों को घटना की सूचना दी। जब तक परिजन मौके पर पहुंचे, आग पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले चुकी थी। अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम परिजनों ने झुलसी हुई अवस्था में जीवन को हटा सिविल अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। शव को फिलहाल हटा अस्पताल के फ्रीजर में रखा गया है, जिसका सोमवार सुबह पोस्टमार्टम किया जाएगा। हटा पुलिस ने शुरू की जांच हटा पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना की पड़ताल शुरू कर दी है। आग लगने का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस खेत मालिक गोलू पटेल और परिजनों के बयान दर्ज कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आग दुर्घटनावश लगी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
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