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Ground Report: स्थानीय निवासी अनीता धोत्रे ने लोकल 18 से कहा कि शहर और गांव दोनों जगह पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है. अमृत योजना फेज-2 जैसी बड़ी परियोजनाएं होने के बावजूद लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है. हालात यह हैं कि शहर में 20000 से ज्यादा लोग जल संकट से जूझ रहे हैं.
खंडवा. मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में गर्मी की शुरुआत के साथ ही जल संकट गहराने लगा है. शहर से लेकर गांव तक हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं. जहां एक तरफ ग्रामीण इलाकों में महिलाएं आधा से एक किलोमीटर दूर से पानी ढोने को मजबूर हैं, वहीं शहर की कई कॉलोनियों में पानी सप्लाई बाधित होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है. खंडवा शहर में कई जगहों पर नलों तक पानी नहीं पहुंच रहा है. लोग नियमित टैक्स देने के बावजूद बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं. महिलाओं का कहना है कि वे हर महीने करीब 200 रुपये नल टैक्स दे रही हैं लेकिन इसके बावजूद उन्हें पानी नहीं मिल रहा. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है. जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित भैसावा टांडा गांव में नल-जल योजना पिछले एक महीने से बंद पड़ी है. गांव में पाइपलाइन तो बिछाई गई और 180 कनेक्शन भी दिए गए लेकिन पानी सप्लाई ठप होने से करीब 200 घरों के 500 से ज्यादा लोग संकट झेल रहे हैं.
गांव की महिलाओं को रोजाना तेज धूप में 4 से 5 बार आधा किलोमीटर दूर कुएं तक जाकर पानी लाना पड़ रहा है. राधाबाई और गीता बाई जैसी महिलाओं का कहना है कि उनका पूरा दिन सिर्फ पानी की व्यवस्था में ही निकल जाता है. ग्रामीणों के अनुसार, लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई नल-जल योजना का सही रखरखाव नहीं होने के कारण यह पूरी तरह ठप हो गई है. पाइपलाइन के वाल्व और अन्य तकनीकी खराबियों की शिकायत कई बार की जा चुकी है लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ. गांव के लोगों का कहना है कि पंचायत के कुएं में भी पानी का स्तर लगातार घट रहा है, जिससे आने वाले दिनों में संकट और गहराने की आशंका है.
पाइपलाइन में तकनीकी समस्या
सरपंच रायसिंह रावत ने कहा कि गांव में पानी की कमी बनी हुई है और पाइपलाइन में तकनीकी समस्या हो सकती है. अस्थायी रूप से निजी कुएं से पानी की व्यवस्था की गई थी लेकिन वह भी पर्याप्त नहीं है. शहर की स्थिति भी चिंताजनक है. राम नगर, अनमोल विहार, टैगोर कॉलोनी सहित कई इलाकों में पानी सप्लाई बाधित है.
जल संकट से जूझ रहे हजारों लोग
स्थानीय निवासी अनीता धोत्रे ने कहा कि शहर और गांव दोनों जगह पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है. अमृत योजना फेज-2 जैसी बड़ी परियोजनाएं चलने के बावजूद लोगों को पानी नहीं मिल रहा है. स्थिति यह है कि शहर में 20 हजार से ज्यादा लोग जल संकट से जूझ रहे हैं. अनीता धोत्रे इस मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट में भी लड़ाई लड़ रही हैं ताकि आम जनता को उनका हक मिल सके. उनका कहना है कि कई सालों से पानी की समस्या बनी हुई है और अब यह और गंभीर होती जा रही है.
खंडवा जिले में जल संकट एक बड़ी समस्या बन चुका है. गांवों में महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं जबकि शहर में भी हालात बेहतर नहीं हैं. अब सवाल यही है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान कब करेगा ताकि लोगों को राहत मिल सके.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.