एक दिन के लिए क्यों बुलाया गया MP विधानसभा का खास सेशन? कांग्रेस ने साधा निशाना, BJP का तग

एक दिन के लिए क्यों बुलाया गया MP विधानसभा का खास सेशन? कांग्रेस ने साधा निशाना, BJP का तग


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मध्य प्रदेश विधानसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के लिए 27 अप्रैल को एक दिन का विशेष सत्र बुलाया जाएगा. इसके लिए राज्य शासन की तरफ से अधिसूचना जारी कर दी गई है. लेकिन इससे पहले ही बीजेपी और कांग्रेस में आरोप और प्रत्यारोप का दौर जारी है.

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मध्य प्रदेश विधानसभा का एक दिन के लिए बुलाया गया खास सत्र

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने से जुड़े संविधान संशोधन बिल के पास न होने के कुछ दिन बाद 27 अप्रैल को मध्यप्रदेश विधानसभा का एक दिन का खास सत्र बुलाया जाएगा. इस सत्र में महिलाओं के सशक्तिकरण समेत दूसरे मुद्दों पर चर्चा होगी. सत्र को लेकर मंगलवार को नोटिफिकेशन जारी किया गया. एक अधिकारी ने बताया कि नोटिफिकेशन के मुताबिक सदन में नारी शक्ति वंदन – महिलाओं का समग्र विकास और उनका सशक्तिकरण पर चर्चा होगी.

नेता प्रतिपक्ष ने बीजेपी पर साधा निशाना
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने खास सत्र बुलाने पर सवाल उठाए और कहा कि नारी शक्ति के नाम पर जब राजनीतिक मौका दिखता है, तुरंत खास सत्र बुला लिया जाता है. उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकार और प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर कांग्रेस का रुख हमेशा साफ, मजबूत और एक जैसा रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के टॉप लीडरशिप ने पहले ही साफ कर दिया है कि मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर महिलाओं को आरक्षण दिया जाए. पूरी कांग्रेस पार्टी इसके समर्थन में है.

उमंग सिंघार ने कहा कि मध्य प्रदेश में कफ सिरप जैसी घटनाओं में मासूम बच्चों की मौत होती है. गंदे पानी से कई लोगों की जान चली जाती है. अस्पतालों में नवजातों की सुरक्षा तक नहीं हो पाती, ओबीसी वर्ग के अधिकारों के साथ अन्याय होता है और आदिवासी समुदाय अपने हक के लिए लगातार लड़ रहा है. इन गंभीर और संवेदनशील मुद्दों पर सरकार कभी खास सत्र बुलाने की जरूरत नहीं समझती.

बीजेपी ने किया पलटवार
बीजेपी प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकार का कांग्रेस ने जिस तरह से हनन किया है. उसे देश प्रदेश विधानसभा हर जगह महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा. मध्य प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में कांग्रेस नेताओं को जवाब देना. विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी लाया जा सकता है.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को लोकसभा में बिल का समर्थन नहीं करने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा था और ऐलान किया था कि इस मुद्दे पर चर्चा के लिए राज्य विधानसभा का खास सत्र बुलाया जाएगा.

लोकसभा में नहीं पास हो पाया था बिल
लोकसभा में संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026 पर वोटिंग के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े. लोकसभा में किसी भी संविधान संशोधन बिल को पास करने के लिए दो तिहाई बहुमत चाहिए होता है. वोटिंग करने वाले 528 सदस्यों में से बिल को दो तिहाई बहुमत के लिए 352 वोटों की जरूरत थी. सरकार ने इस बिल के साथ परिसीमन बिल 2026 और संघ राज्य विधि (संशोधन) बिल 2026 को भी सदन में चर्चा और पास कराने के लिए रखा था, लेकिन इन्हें भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका.



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