थ्री ट्रैप्स फॉर्मूला बना किसानों का सुपरहीरो, अप्रैल में कीटों से बचाव का स्मार्ट प्लान,

थ्री ट्रैप्स फॉर्मूला बना किसानों का सुपरहीरो, अप्रैल में कीटों से बचाव का स्मार्ट प्लान,


होमताजा खबरकृषि

कीटों की बढ़ती चुनौती के बीच ये फॉर्मूला बना गेम चेंजर, मिलेगी पूरी सुरक्षा

Last Updated:

3 traps formula: अप्रैल की बढ़ती गर्मी के साथ खेतों में कीटों का दबाव तेजी से बढ़ रहा है जिससे सब्जी फसलों को बड़ा नुकसान हो रहा है. ऐसे में किसान थ्री ट्रैप्स फॉर्मूला अपनाकर कम लागत में 24 घंटे फसल की सुरक्षा कर सकते हैं जिसमें स्टिकी, फ्रूट फ्लाई और सोलर ट्रैप का संयुक्त उपयोग बेहद असरदार साबित हो सकता है.

3 traps formula: अप्रैल के आखिरी दिनों में बढ़ती गर्मी और खुश्क हवाओं ने खेतों का माहौल पूरी तरह बदल दिया है. जहां एक तरफ फसलें तेजी से बढ़ रही हैं वहीं दूसरी ओर कीटों का प्रकोप भी खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. टमाटर, भिंडी, मिर्च और बेल वाली सब्जियों में सफेद मक्खी, थ्रिप्स, लाल मकड़ी और फल छेदक जैसे कीट पत्तियों और फलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं. इसके साथ ही टमाटर में लीफ कर्ल वायरस और भिंडी में लीफ हॉपर का खतरा भी किसानों के लिए चिंता का विषय बन गया है. ऐसे समय में किसान अगर पारंपरिक रासायनिक उपायों पर निर्भर रहते हैं तो लागत बढ़ती है और मिट्टी की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है. लेकिन अब किसानों के बीच थ्री ट्रैप्स फॉर्मूला तेजी से लोकप्रिय हो रहा है जो कम खर्च में दिन रात फसल की सुरक्षा देने का कारगर तरीका बनकर उभरा है.

क्या है थ्री ट्रैप्स फॉर्मूला और कैसे करता है काम
यह फॉर्मूला तीन तरह के ट्रैप्स जैसे स्टिकी ट्रैप, फ्रूट फ्लाई ट्रैप और सोलर लाइट ट्रैप पर आधारित है. ये तीनों मिलकर 24 घंटे कीट नियंत्रण का मजबूत सिस्टम तैयार करते हैं. दिन के समय स्टिकी ट्रैप पीले और नीले कीटों के लिए खेत में लगाए जाते हैं जो सफेद मक्खी, थ्रिप्स और अन्य छोटे रस चूसने वाले कीटों को आकर्षित कर चिपका लेते हैं. वहीं फ्रूट फ्लाई ट्रैप फलों में छेद करने वाली बड़ी मक्खियों को नियंत्रित करता है जिससे टमाटर, लौकी, खीरा और करेला जैसी फसलें सुरक्षित रहती हैं. रात के समय सक्रिय कीटों और पतंगों को रोकने के लिए सोलर लाइट ट्रैप लगाया जाता है जिसकी रोशनी की ओर कीट आकर्षित होकर उसमें फंस जाते हैं और उनका प्रजनन चक्र टूट जाता है.

कितनी मात्रा में लगाएं ट्रैप और क्या है लागत
विशेषज्ञों और किसानों के अनुभव के अनुसार एक एकड़ खेत में लगभग 50 स्टिकी ट्रैप लगाना सबसे प्रभावी माना गया है. ये ट्रैप बाजार में ₹10 से ₹15 प्रति पीस या ₹500 से ₹800 प्रति पैकेट की दर से आसानी से उपलब्ध हैं. इसके अलावा 5 से 10 फ्रूट फ्लाई ट्रैप एक एकड़ के लिए पर्याप्त होते हैं जिनकी कीमत ₹50 से ₹150 प्रति यूनिट तक होती है. वहीं रात में कीट नियंत्रण के लिए एक सोलर लाइट ट्रैप लगाया जाता है जिसकी कीमत उसकी गुणवत्ता के अनुसार ₹900 से ₹1,800 तक हो सकती है. इस तरह सीमित निवेश में किसान पूरे खेत को दिन-रात सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं.

किसानों का अनुभव और जैविक खेती की ओर बढ़ता कदम
लोकल 18 से बातचीत में किसान अंशुमान सिंह ने बताया कि गर्मियों में विभिन्न प्रकार की फ्लाइज और कीट तेजी से पनपते हैं जो पौधों के पत्तियों, तनों और फलों को नुकसान पहुंचाते हैं. उन्होंने कहा कि फ्रूट फ्लाई फलों में छेद कर देती है जबकि छोटे पौधों पर व्हाइट माइनर लाल मकड़ी और अन्य रस चूसने वाले कीट हमला करते हैं. ऐसे में अगर किसान नीम ऑयल का छिड़काव हर 3 से 4 दिन में नियमित रूप से करते रहें और इन तीनों ट्रैप्स का इस्तेमाल करें तो कीटों पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है. यह तरीका न सिर्फ रसायनों पर खर्च कम करता है बल्कि फसल को जैविक तरीके से सुरक्षित भी रखता है.

हर मौसम में फायदेमंद, उत्पादन में दिखेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि थ्री ट्रैप्स फॉर्मूला अपनाकर किसान टमाटर, पालक, भिंडी, लौकी, करेला, खीरा और अन्य बेल वाली सब्जियों को कीटों से बचाकर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं. यह तरीका खासतौर पर गर्मियों के मौसम में बेहद कारगर साबित हो रहा है जब कीटों का प्रकोप सबसे ज्यादा होता है. सही समय पर ट्रैप्स लगाने और नियमित निगरानी से किसान न केवल अपनी फसल को सुरक्षित रख सकते हैं बल्कि कम लागत में अधिक मुनाफा भी कमा सकते हैं.

About the Author

Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें



Source link