भिंड जिले के मिहोना थाने में पदस्थ रहे विवादित पुलिस इंस्पेक्टर विजय केन का बालाघाट ट्रांसफर कर दिया गया है। मार्च महीने में रिटायर्ड सूबेदार एवं पूर्व सैनिक संघ के जिलाध्यक्ष राकेश सिंह कुशवाह के साथ हुए विवाद के बाद टीआई चर्चा में आए थे। मामले में ग्वालियर-चंबल संभाग के पूर्व सैनिकों के भारी विरोध और थाने के घेराव के बाद एसपी असित यादव ने टीआई को लाइन अटैच कर दिया था। वर्तमान में इंस्पेक्टर के तबादले के बाद पूर्व सैनिकों ने इसे नाकाफी बताते हुए आपराधिक प्रकरण दर्ज करने और निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। रिटायर्ड सूबेदार से विवाद के बाद हुआ था थाने का घेराव जानकारी के अनुसार, मार्च माह में मिहोना थाना प्रभारी विजय केन और रिटायर्ड सूबेदार राकेश सिंह कुशवाह के बीच विवाद हो गया था। इस घटना के बाद ग्वालियर-चंबल संभाग के पूर्व सैनिकों में भारी आक्रोश देखने को मिला था। बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों ने मिहोना थाने का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने पुलिस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई थी। पूर्व सैनिकों के बढ़ते दबाव के बाद एसपी असित यादव ने टीआई विजय केन को लाइन अटैच कर दिया था। आर्मी हेडक्वार्टर पहुंचा मामला, कर्नल ने SP से की थी मुलाकात थाने के घेराव और प्रदर्शन के बाद यह मामला आर्मी हेडक्वार्टर तक पहुंच गया था। डिप्टी कमांडेंट कर्नल विशाल क्षेत्रीय ने मामले को गंभीरता से लिया था। उन्होंने मिहोना थाने पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली थी। इसके बाद कर्नल ने भिंड एसपी से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की थी। आपराधिक केस की मांग पर अड़े पूर्व सैनिक, जांच पड़ी धीमी पूर्व सैनिक संघ लगातार टीआई विजय केन पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग करता रहा है। टीआई के बालाघाट स्थानांतरण के बाद यह मामला एक तरह से ठंडा पड़ता नजर आ रहा है और प्रकरण की जांच की रफ्तार भी धीमी दिखाई दे रही है। हालांकि, पूर्व सैनिकों का स्पष्ट कहना है कि केवल ट्रांसफर से मामले को समाप्त नहीं माना जा सकता। निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों पर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई होना जरूरी है।
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