छतरपुर (नौगांव)। जिले का नौगांव क्षेत्र इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। अप्रैल के अंतिम दिनों में मौसम ने ऐसा रूप ले लिया है कि मानो आसमान से आग बरस रही हो। शनिवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 23.02 डिग्री रहा, जो इस सीजन की अब तक की सबसे गर्म रात मानी जा रही है। भीषण गर्मी का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर होते ही शहर की रफ्तार थम जाती है। सड़कें वीरान हो जाती हैं और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। केवल छात्र और जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग ही इस तपिश का सामना कर रहे हैं। शनिवार को छुट्टी के चलते बाजार और दफ्तरों में सन्नाटा और गहरा गया। एक हफ्ते में दूसरी बार 44 डिग्री पार यह पहला मौका नहीं है जब नौगांव का पारा 44 डिग्री के पार पहुंचा हो। इससे पहले बीते रविवार को 44.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था, जिसके बाद यह प्रदेश का सबसे गर्म शहर बन गया था। मौसम विशेषज्ञ कालीचरण रैकवार के अनुसार राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवाएं मंगलवार तक लू का असर बनाए रखेंगी, जिससे तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना है। गर्मी का असर अब केवल दिन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रातें भी गर्म बनी हुई हैं। लोगों को अब रात में भी राहत नहीं मिल पा रही है। हालांकि बिजली आपूर्ति सामान्य रहने से थोड़ी राहत जरूर मिल रही है। मंगलवार के बाद मिल सकती है आंशिक राहत, लेकिन मई और कठिन मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार के बाद हल्के बादल छाने की संभावना है, जिससे थोड़ी राहत मिल सकती है। लेकिन अनुमान है कि मई की शुरुआत और अधिक गर्म रहेगी, जहां तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। भीषण गर्मी का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। सुबह स्कूल जाने वाले बच्चे दोपहर की तेज धूप में लौटते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ गया है। कई अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजना भी बंद कर दिया है।
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