मंदसौर में किसान न्याय सत्याग्रह ग्यारहवें दिन भी जारी रहा। इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल शनिवार को मंदसौर पहुंचे। उनके साथ जावद विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी समंदर पटेल भी सत्याग्रह स्थल पर मौजूद रहे। केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर निशाना सत्याग्रह स्थल पर जनसभा को संबोधित करते हुए सत्यनारायण पटेल ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर निशाना साधा। उन्होंने केंद्र की कृषि नीतियों को किसान विरोधी बताया और कहा कि युवा कांग्रेस हमेशा किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष करती रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार किसानों के हित में ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग पटेल ने आरोप लगाया कि देश का किसान अपनी ही जमीन पर बेगाना महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का दावा करती है, लेकिन बीज और खाद की बढ़ती कीमतों ने किसानों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी की मांग दोहराई और कहा कि इसके लागू होने तक संघर्ष जारी रहेगा। जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र सिंह गुर्जर ने किसानों के भविष्य पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कुछ व्यापार समझौते देश के कृषि, डेटा और डेयरी क्षेत्रों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। गुर्जर ने आश्वासन दिया कि कांग्रेस इन मुद्दों पर निर्णायक संघर्ष करेगी। विधायक ने भी उठाए सवाल मंदसौर विधायक विपिन जैन ने भी प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ किसी भी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कांग्रेस उनके अधिकारों के लिए अंत तक लड़ेगी। जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष दुर्गेश सिंह पटेल ने आंदोलन की आगामी रणनीति बताते हुए कहा कि यह सत्याग्रह अब जनांदोलन का रूप ले चुका है। यदि किसानों की मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सत्याग्रह सरकार को जगाने का शंखनाद है। सभा में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और किसान उपस्थित रहे।
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