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गुना के विजयपुर स्टेशन के पास मालगाड़ी के इंजन में लगी भीषण आग से रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ. आग की वजह से ओएचई लाइन पिघल गई और करीब 11 घंटे तक ट्रेनों का संचालन ठप रहा. कई ट्रेनें रातभर अलग-अलग स्टेशनों पर खड़ी रहीं. सुबह मरम्मत के बाद ट्रैक बहाल किया गया.
गुना के विजयपुर स्टेशन पर बड़ा हादसा टल गया.
गुना. मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक बड़ा रेल हादसा टल गया, लेकिन इस घटना ने रेलवे की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी. विजयपुर स्टेशन के पास यूरिया से लदी मालगाड़ी के डीजल इंजन में अचानक भीषण आग लग गई. आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में इंजन लपटों से घिर गया और ट्रैक के ऊपर से गुजरने वाली ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन भी इसकी चपेट में आ गई. इस घटना के कारण न केवल रेल संचालन प्रभावित हुआ, बल्कि पूरे सेक्शन में घंटों तक ट्रेनों की आवाजाही ठप रही.
घटना शुक्रवार रात करीब 9 बजे की है, जब मालगाड़ी नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड प्लांट से यूरिया लेकर निकली थी. जैसे ही ट्रेन विजयपुर स्टेशन के पास पहुंची, इंजन से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग की ऊंची लपटें उठने लगीं. इस दौरान लोको पायलट और सहायक लोको पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते इंजन को बंद किया और कूदकर अपनी जान बचाई. उनकी सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इसके बाद रेलवे नेटवर्क पर संकट गहरा गया.
इंजन में आग से पिघली ओएचई लाइन
आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि ट्रैक के ऊपर की ओएचई लाइन के तार पिघल गए. करीब 9 खंभों के बीच की विद्युत लाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर नीचे गिर गई. इससे पूरे सेक्शन की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. परिणामस्वरूप रेल यातायात पूरी तरह ठप हो गया और ट्रेनों की रफ्तार थम गई.
11 घंटे तक प्रभावित रहा रेल संचालन
इस तकनीकी नुकसान के कारण मक्सी-रुठियाई रेल खंड पर करीब 11 घंटे तक ट्रेनों का संचालन बाधित रहा. कई प्रमुख यात्री ट्रेनें रास्ते में ही रोक दी गईं. यात्रियों को रातभर स्टेशनों और आउटर पर इंतजार करना पड़ा. इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
कई ट्रेनें घंटों तक खड़ी रहीं
झांसी-बांद्रा एक्सप्रेस, इंदौर-अमृतसर एक्सप्रेस, भिंड-रतलाम एक्सप्रेस, रतलाम-भिंड इंटरसिटी और ऊना-हिमाचल एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें अलग-अलग स्टेशनों पर घंटों तक खड़ी रहीं. रेलवे ने बाद में डीजल इंजन मंगाकर इन ट्रेनों को प्रभावित क्षेत्र से बाहर निकाला.
रातभर चला मरम्मत का काम
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे की तकनीकी टीमें मौके पर पहुंचीं. टावर वैगन और मेंटेनेंस मशीनों की मदद से ओएचई लाइन को दुरुस्त करने का काम शुरू किया गया. पूरी रात युद्धस्तर पर काम चला. शनिवार सुबह करीब 8:20 बजे नई लाइन डालकर ट्रैक को क्लियर किया गया, जिसके बाद ट्रेन संचालन सामान्य हो सका.
तकनीकी खामी बनी हादसे की वजह
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, डीजल इंजन में तकनीकी फॉल्ट के कारण स्पार्किंग हुई, जिससे आग भड़की. इस घटना की जांच के लिए संयुक्त टीम गठित की गई है. रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. बताया जा रहा है कि इस रेल खंड के विद्युतीकरण के बाद यह पहला बड़ा मामला है, जब डीजल इंजन की आग से ओएचई लाइन को इतना नुकसान पहुंचा. इससे रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें