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खरगोन में मुनीम की कार से दिनदहाड़े हुई लाखों की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. 6 जिलों में 250 CCTV फुटेज खंगालकर पुलिस ने 23.30 लाख रुपए बरामद किए. आरोपी जंगल से फरार हो गए, लेकिन उनकी पहचान हो चुकी है. जल्द गिरफ्तारी की तैयारी है.
खरगोन पुलिस ने बड़ी चोरी का पर्दाफाश करते हुए पूरी रकम बरामद की है.
खरगोन. मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में दिनदहाड़े हुई लाखों रुपए की चोरी की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. अनाज व्यापारी के मुनीम की कार से करीब 23 लाख 30 हजार रुपए से भरा बैग पार कर दिया गया था. यह घटना न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि अपराधी कितनी सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दे रहे हैं. हालांकि, पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच के चलते पूरी नकदी बरामद कर ली गई है.
खरगोन के एसपी डॉ रवींद्र वर्मा ने बताया कि चोरी की यह घटना 21 अप्रैल को कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई थी. मुनीम ताहेर अली बोहरा बैंक ऑफ बड़ौदा से बड़ी रकम निकालकर कार से जा रहे थे. रास्ते में उन्होंने एक व्यापारी को कुछ राशि दी और फिर कार खड़ी कर मोबाइल पर बात करने लगे. इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने मौके का फायदा उठाकर कार में रखा रुपयों से भरा बैग पार कर दिया. घटना इतनी तेजी से हुई कि मुनीम को संभलने तक का मौका नहीं मिला.
बैंक से ही शुरू हुई थी रेकी
जांच में सामने आया कि आरोपी बैंक से ही मुनीम पर नजर रखे हुए थे. जैसे ही उन्होंने पैसे निकाले, आरोपियों ने उनका पीछा शुरू कर दिया. बिना नंबर की बाइक से लगातार निगरानी करते हुए सही मौके का इंतजार किया गया. बैंक में लगे सीसीटीवी फुटेज में अपराधी नजर आए और यहीं से उनकी तलाश शुरू हो गई. इसके बाद चोरी की इस घटना में तमाम पहलुओं का ध्यान रखा गया.
250 CCTV और 6 जिलों में छानबीन
पुलिस अधीक्षक डॉ. रवींद्र वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया. करीब 6 जिलों के 250 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले गए. करीब 200 से 250 किलोमीटर के रूट को ट्रेस किया गया. शुरुआती फुटेज में चेहरे साफ नहीं दिख रहे थे, जिससे जांच चुनौतीपूर्ण हो गई थी. चोरी में इस्तेमाल की गई बाइक भी बिना नंबर की थी तो उसे ट्रेस करना कठिन था. वहीं सीसीटीवी फुटेज बहुत ब्लर था तो पुलिस को चोरों तक पहुंचने में दिक्कत आई.
राजगढ़ के कड़िया सांसी गिरोह का नाम आया सामने
तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान राजगढ़ जिले के कड़िया सांसी गिरोह के रूप में हुई. यह गिरोह पहले भी ऐसी वारदातों में शामिल रहा है. पुलिस ने तत्काल टीम भेजकर आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी. एक बार जब सूचना परफेक्ट मिली तो ताबड़तोड़ एक्शन लिया गया. पुलिस को एक मुखबिर ने बताया कि चोर जंगल की तरफ जा रहे हैं.
जंगल में बंटवारे से पहले पुलिस की दबिश
पुलिस को दूसरी सूचना मिली कि आरोपी चोरी की रकम का बंटवारा करने वाले हैं. पुलिस ने जंगल में दबिश दी, लेकिन आरोपी दुर्गम रास्तों का फायदा उठाकर फरार हो गए. हालांकि, मौके से पूरी नगदी बरामद कर ली गई.
पूरी रकम और चेकबुक बरामद
पुलिस ने 23 लाख 30 हजार रुपए की पूरी राशि बरामद कर ली. साथ ही व्यापारी की चार चेकबुक भी सुरक्षित मिल गईं. यह इस केस की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है.
पुलिस टीम को मिला सम्मान
इस बड़ी सफलता के बाद व्यापारी एसोसिएशन ने पुलिस टीम का सम्मान किया. साथ ही 51 हजार रुपए पुलिस फंड में देने की घोषणा भी की गई. अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की पहचान हो चुकी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें