उज्‍जैन में 25 लाख कैश-सोना लौटाया, दूल्‍हे के पिता बोले- बहू चाहिए, दहेज नहीं

उज्‍जैन में 25 लाख कैश-सोना लौटाया, दूल्‍हे के पिता बोले- बहू चाहिए, दहेज नहीं


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उज्जैन के बड़नगर के ग्राम बंगरेड में एक सगाई समारोह में दूल्हे के परिवार ने 25 लाख रुपए और 15 तोला सोना लौटाकर दहेज प्रथा के खिलाफ मजबूत संदेश दिया. केवल एक अंगूठी स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें बहू के रूप में बेटी चाहिए, न कि दहेज. यह कदम अब पूरे क्षेत्र में प्रेरणा बन गया है.

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उज्‍जैन में राजावत परिवार ने दहेज लौटाकर मिसाल कायम की है.

उज्जैन. जिले के बड़नगर तहसील के ग्राम बंगरेड में एक सगाई समारोह ने सामाजिक बदलाव की नई मिसाल पेश की है. जहां एक ओर दहेज प्रथा आज भी कई परिवारों के लिए बोझ बनी हुई है, वहीं इस कार्यक्रम में दूल्हे के पिता ने 25 लाख रुपए नकद और 15 तोला सोना लौटा दिया और कहा कि हमें केवल बहू के रूप में लक्ष्‍मी बेटी चाहिए. इस कदम ने न केवल मौजूद लोगों को भावुक कर दिया, इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस एक घटना की चर्चा पूरे जिले में हो रही है. दूल्‍हे के परिवार के इस कदम की हर कोई तारीफ कर रहा है.

मौके पर मौजूद लोगों कहा कि इस सगाई समारोह में लिया गया फैसला महज एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं था, बल्कि दहेज जैसी कुप्रथा के खिलाफ खुला विरोध भी था. दूल्हे के पिता जितेंद्र सिंह राजावत ने साफ कहा कि विवाह कोई सौदा नहीं, बल्कि दो परिवारों का पवित्र रिश्ता है. उन्होंने कहा कि उन्हें बहू के रूप में लक्ष्मी स्वरूप बेटी चाहिए, न कि धन-दौलत. उन्‍होंने बहू के परिवार से प्रार्थना की और कहा कि सम्‍मान सहित यह राशि और सोना वे वापस ले लें.

सगाई समारोह बना सामाजिक संदेश
26 अप्रैल को आयोजित सगाई समारोह में वधु पक्ष की ओर से 25 लाख रुपए नकद और 15 तोला सोना भेंट किया गया था. परंतु राजावत परिवार ने केवल एक प्रतीकात्मक अंगूठी स्वीकार की और बाकी पूरी राशि व आभूषण लौटा दिए. इस कदम ने समारोह को खास बना दिया.

दहेज प्रथा के खिलाफ मजबूत पहल
दूल्हे के पिता जितेंद्र सिंह राजावत, जो क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष भी हैं, ने कहा कि दहेज समाज के लिए अभिशाप है. उन्होंने बताया कि कई गरीब परिवार दहेज के कारण कर्ज में डूब जाते हैं. ऐसे में यदि सक्षम परिवार पहल करें, तो बदलाव संभव है.

नवंबर 2026 में तय है शादी
आदर्शदीप सिंह राजावत की शादी जिले के देपालपुर तहसील के तामलपुर गांव निवासी महेंद्र सिंह पंवार की बेटी बिंदिया कुमारी से तय हुई है. सगाई के दौरान ही दहेज नहीं लेने का निर्णय लेकर परिवार ने शादी से पहले ही उदाहरण पेश कर दिया. इस घटना का वीडियो और जानकारी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. लोग इसे दहेज मुक्त समाज की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम बता रहे हैं. ग्रामीणों और समाज के लोगों ने भी इस फैसले की खुलकर सराहना की.

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Sumit verma

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें



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