शिवपुरी जिले की नरवर तहसील के थरखेड़ा गांव में सीमांकन करने पहुंची प्रशासनिक टीम को आदिवासी परिवारों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों के तीखे विरोध के कारण टीम को बिना कार्रवाई किए ही वापस लौटना पड़ा। मौके पर मौजूद आदिवासी परिवारों ने सरपंच अजब सिंह और नगर परिषद नरवर के अध्यक्ष पति संदीप महेश्वरी पर जमीन कब्जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि वे वर्षों से इस जमीन पर काबिज हैं और अब प्रशासन की मदद से उनकी जमीन छीनी जा रही है। बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है लाडले आदिवासी नामक ग्रामीण ने आरोप लगाया कि वह करीब 10 बीघा जमीन पर लंबे समय से खेती कर रहा है, लेकिन अब उसे बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है। इस घटना को लेकर गांव में आक्रोश का माहौल है। खनिज निरीक्षक सोनू श्रीवास ने बताया कि संबंधित जमीन पर वेद प्रकाश शर्मा के नाम से एम-सेंट (खनिज) की लीज स्वीकृत है। सीमांकन के लिए नरवर तहसीलदार को पत्र लिखा गया था, जिसके बाद प्रशासनिक टीम को मौके पर भेजा गया था। नगर परिषद अध्यक्ष पति संदीप महेश्वरी ने इस मामले से खुद को अलग बताया। उन्होंने कहा कि वे केवल एक परिचित के कहने पर मौके पर पहुंचे थे और उनका इस विवाद से कोई संबंध नहीं है। नरवर तहसीलदार विजय त्यागी ने बताया कि खनिज विभाग के पत्र के आधार पर सीमांकन के लिए टीम भेजी गई थी, लेकिन विरोध के कारण कार्य पूरा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में जमीन खाली कराकर लीज धारक को सौंपने की कार्रवाई की जाएगी।
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