मंडला जिले के ग्राम सागर में सार्वजनिक पेयजल के लिए बनाए गए बोर पर कब्जे के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। अपर कलेक्टर राजेंद्र सिंह के निर्देश पर विभागीय टीम गांव पहुंची और बोर से अवैध कब्जा हटवाया गया। सार्वजनिक उपयोग के लिए कराया गया था बोर
जानकारी के अनुसार, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) ने करीब सात साल पहले गांव में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए किसान धनती बाई पटेल की सहमति से उनकी जमीन पर सार्वजनिक बोर कराया था। हालांकि, पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने के कारण इसका उपयोग पेयजल आपूर्ति के लिए नहीं हो सका। कब्जा कर सिंचाई में किया जा रहा था उपयोग
आरोप है कि इसके बाद भाजपा के पूर्व जिला मंत्री कृष्ण कुमार चौकसे ने बोर पर कब्जा कर लिया और बिजली कनेक्शन लेकर अपने खेतों की सिंचाई शुरू कर दी। धनती बाई पटेल ने इसका विरोध किया, लेकिन इसके बावजूद बोर का उपयोग जारी रहा, जिससे विवाद बढ़ता गया। दो साल से कर रहे थे शिकायत
धनती बाई पटेल और उनके पुत्र रोहित पटेल का कहना है कि वे पिछले दो वर्षों से लगातार प्रशासन से शिकायत कर रहे थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कई बार आवेदन दिए और जांच के निर्देश भी जारी हुए, लेकिन मामले को टालने के आरोप लगते रहे। अपर कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्रवाई
मंगलवार को एक बार फिर शिकायत किए जाने के बाद अपर कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद बुधवार को विभागीय टीम गांव पहुंची और बोर से मोटर पंप हटाकर उसे कैप लगाकर बंद कर दिया। दोबारा कब्जा करने पर होगी सख्त कार्रवाई
पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री मनोज भास्कर ने पुष्टि की कि बोर से मोटर पंप हटा दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि दोबारा कब्जा या उपयोग करने की कोशिश की गई, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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