जन्नत जैसी वादियां, सुकून भरा नजारा! धूमने के लिए बेस्ट सीधी के ये 8 स्थान

जन्नत जैसी वादियां, सुकून भरा नजारा! धूमने के लिए बेस्ट सीधी के ये 8 स्थान


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सीधी जिले में घूमने के लिए कई शानदार जगहें हैं, जहां आस्था और प्रकृति का अनोखा संगम देखने को मिलता है. यहां मंदिरों में दर्शन के साथ घने जंगल, शांत नदी किनारे और एडवेंचर का भी भरपूर मजा लिया जा सकता है. पर्यटक जंगल में ठहरकर सुकून भरे पल बिता सकते हैं. गर्मी के मौसम में यह जगहें खास राहत और यादगार अनुभव देती हैं.

सीधी के लोग अगर गर्मी में घूमने का प्लान बना रहे हैं तो जिले की 8 खास जगहें बेहतरीन विकल्प हैं. चंद्रेह शिव मंदिर, भमर सेन, संजय टाइगर रिजर्व, पर्सिली रिसोर्ट, बड़ौदा नाथ मंदिर, अकबर बीरबल जन्मस्थली, बाणसागर डैम और सरसी आइलैंड रिसोर्ट शामिल हैं, जहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक सुकून और रोमांच का आनंद लेने पहुंचते हैं.

सीधी जिले का संजय टाइगर रिजर्व इन दिनों पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है. 831 वर्ग किमी में फैला यह घना जंगल बाघ, तेंदुए और समृद्ध वन्यजीवों से भरा है. सफेद बाघ की ऐतिहासिक कहानी इसकी खास पहचान है. बनास नदी के किनारे बहती ठंडी हवाएं और शांत माहौल सैलानियों को सुकून देते हैं. जंगल सफारी, नेचर वॉक और परसिली क्षेत्र की प्राकृतिक खूबसूरती इसे गर्मियों में आकर्षक पर्यटन स्थल बना रही है.

सीधी जिले का घोघरा गांव, बीरबल (महेश दास) की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है और इन दिनों सैलानियों को आकर्षित कर रहा है. जिला मुख्यालय से करीब 25 किमी दूर स्थित घोघरा चंडी देवी मंदिर रेही नदी के किनारे बसा है. मान्यता है कि यहां बीरबल ने तपस्या की थी. श्रद्धालु दर्शन के साथ नदी स्नान, परिक्रमा और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते हैं, जिससे यह स्थान आस्था और पर्यटन का खास केंद्र बन गया है.

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नदी और जंगल के बीच सुकून भरे पल बिताने के लिए पर्सिली रिसोर्ट इन दिनों सैलानियों की पहली पसंद बनता जा रहा है. बनास नदी के किनारे बसा यह शांत ठिकाना ठहरने के लिए शानदार विकल्प है, जहां नाइट स्टे और कैंपिंग का आनंद लिया जा सकता है. पास ही स्थित संजय टाइगर रिजर्व का घना जंगल और रेत के टीले इसकी खूबसूरती बढ़ाते हैं, जिससे यह परफेक्ट समर गेटवे बन गया है.

भीषण गर्मी में ठंडक और आस्था का संगम देखने के लिए चंद्रेह शिव मंदिर इन दिनों खास आकर्षण बन गया है. बनास नदी के संगम किनारे स्थित यह करीब 1000 साल पुराना मंदिर इतिहास और प्रकृति का अनोखा मेल पेश करता है. बलुआ पत्थर से निर्मित यह धरोहर ठंडी हवाओं और शांत माहौल में सुकून देता है. दूर-दूर से श्रद्धालु यहां दर्शन के साथ पिकनिक और फोटोग्राफी का आनंद लेने पहुंच रहे हैं, जिससे यह समर ट्रैवल का उभरता हॉटस्पॉट बनता जा रहा है

सरसी आइलैंड, जिसे मध्य प्रदेश का स्विट्जरलैंड कहा जाता है, इन दिनों सैलानियों के बीच खासा लोकप्रिय हो रहा है. बाणसागर बांध के टापू पर बसे इस खूबसूरत द्वीप पर क्रूज राइड, मोटर बोट और वॉटर स्पोर्ट्स का मजा लिया जा सकता है. गर्मियों में यहां युवाओं और परिवारों की भीड़ बढ़ जाती है. बांध के बीच रुकने के लिए होटल सुविधाएं भी उपलब्ध हैं. विशाल जलाशय, शांत माहौल और पानी छोड़े जाने पर दूध जैसा दृश्य पर्यटकों को दूर-दूर से आकर्षित करता है.

सीधी की तपती गर्मी में सुकून भरी ठंडक की तलाश हो तो भमर सेन इन दिनों सैलानियों को खूब आकर्षित कर रहा है. यहां सोन नदी और बनास नदी का संगम मनमोहक दृश्य पेश करता है. चारों ओर हरियाली, बहते पानी की ठंडक और शांत वातावरण इसे खास बनाते हैं. सीधी से नजदीक होने के कारण पहुंचना आसान है, जिससे यह पिकनिक और फोटोग्राफी के लिए पसंदीदा समर स्पॉट बनता जा रहा है.

सीधी का बढ़ौरा नाथ मंदिर धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है. सोन नदी के किनारे स्थित यह प्राचीन शिव मंदिर करीब 1000 वर्ष पुराना बताया जाता है और 1940 के आसपास खुदाई में प्रकट हुआ था. यहां स्थापित स्वयंभू शिवलिंग को लेकर गहरी मान्यता है. महाशिवरात्रि और सावन में हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं, जहां भव्य मेले का आयोजन होता है और भक्तों को आध्यात्मिक शांति का अनुभव मिलता है.

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