जबलपुर क्रूज हादसे के बाद नींद से जागा प्रशासन, अब प्रदेश भर में हो रहा ये काम

जबलपुर क्रूज हादसे के बाद नींद से जागा प्रशासन, अब प्रदेश भर में हो रहा ये काम


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जबलपुर में हुए क्रूज हादसे के बाद मध्य प्रदेश का प्रशासन अब बिल्कुल अलर्ट मोड में आ गया है. प्रदेश में अब बांधो में चलने वाले क्रूज और नाव की जांच की जा रही है. मंदसौर में स्टीमर बोट के संचालकों की एक मीटिंग भी बुलवाई गई है, जिसमें सुरक्षा मानकों को लेकर चर्चा की जाएगी. जबलपुर क्रूज हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था.

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क्रूज और स्टीमर्स की हो रही जांच

रिपोर्ट-प्रीत शर्मा

जबलपुर के बरगी बांध में दुखद हादसे के बाद प्रदेश भर में प्रशासन नींद से जाग गया है. अब जाकर बांधो और तालाबों में चलने वाले क्रूज और स्टीमर की जांच की जा रही है. मंदसौर के गांधीसागर बांध के बैकवाटर में भी स्टीमर बोट संचालित होती है, जिनकी वैसे तो सालों से जांच नहीं की गई, लेकिन अब हादसे के बाद आज गरोठ एसडीएम सहित पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने पहुंचकर इन स्टीमर्स की जांच की.

अधिकारियों ने मंदसौर के गरोठ क्षेत्र के गांव बर्रामा और बालोदा में पहुंचकर स्टीमर बोट के बीमा, फिटनेस और लाइसेंस की जांच की. गरोठ एसडीएम राहुल चौहान ने बताया कि जब तक इनकी संपूर्ण जांच नहीं हो जाती, तब तक स्टीमर पर प्रतिबंध लगाया गया है. वही सोमवार को इलाके में संचालित होने वाले स्टीमर बोट के संचालकों की एक मीटिंग भी बुलवाई गई है, जिसमें स्टीमर फिटनेस और सुरक्षा को लेकर चर्चा की जाएगी. मंदसौर में गांधी सागर बांध का बैकवाटर बड़े हिस्से में फैला है, जिससे कई गांवों के लोग आने जाने के लिए इन स्टीमर का इस्तेमाल करते है.

अब तक 11 लोगों को निकाले जा चुके हैं शव
जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज डूबने के बाद अभी भी राहत और बचाव कार्य जारी है. अब तक कुल 11 शवों को रेस्क्यू करके निकाला गया है. बच्चों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. अभी भी लापता दो लोगों की तलाश चल रही है.

अलर्ट के बाद भी क्रूज का हो रहा था संचालन
जबलपुर हादसे में 30 अप्रैल 2026 की शाम को 30 से ज्यादा सैलानी क्रूज पर सवार होकर घूमने निकले थे. लेकिन टिकट सिर्फ 29 लोगों की ही कटी थी. फिर उसमें ज्यादा लोगों को बिठाया गया. कुछ ही देर बाद तेज हवाएं चलने और क्रूज हिचकोले लेने लगा. बाद में क्रूज में पानी भर गया और वह डूब गया. स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और कई लोगों को बाहर निकाला. एसडीआरएफ की टीमों ने मौके पर पर पहुंचा बचाव कार्य किया. लेकिन कई लोगों ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी. इसी वजह से ज्यादा नुकसान हुआ. बाद में मां और बेटे की एक तस्वीर सामने आई थी, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. शुरुआती जांच में पता चला है कि मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया था. फिर भी क्रूज का संचालन हो रहा था. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना की जांच के निर्देश दिए हैं.

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गोविन्द सिंहSenior Sub Editor

गोविन्द सिंह जनवरी 2026 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर Senior Sub Editor कार्यरत हैं, जहां वह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्टेट टीम का हिस्सा हैं. किस्सागोई के अंदाज में खबरें पेश कर…और पढ़ें



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